हरिद्वार में अखाड़े को बम से उड़ाने की धमकी, ऑडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
श्रीपंचायती अखाड़ा निर्मल के सचिव पद से महंत बलवंत सिंह को हटाने के बाद घमासान तेज हो गया है। मंगलवार को अखाड़े को बम से उड़ाने की धमकी का एक ऑडियो वायरल होने पर अखाड़े की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अखाड़ा परिसर में पीएसी तैनात कर दी गई है। इधर, अध्यक्ष ने भी सचिव से जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई है।
रविवार को कनखल में अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह ने एक पत्रकार वार्ता कर सचिव पद से महंत बलवंत सिंह को हटाने की बात कही थी। आरोप लगाया था कि सचिव पद का दुरुपयोग करते हुए महंत बलवंत सिंह ने बिल्डरों के साथ मिलकर अखाड़े की भूमि खुर्द बुर्द कर दी है।
ये फैसला अखाड़े के संतों के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया था। इधर, सचिव को पद से हटाने का ऐलान करने पर माहौल गर्मा गया था। मंगलवार को स्थिति तब गंभीर हो गई जब अध्यक्ष ने पुलिस को एक ऑडियो उपलब्ध कराया। उस ऑडियो में अखाड़े को बम से उड़ाने की धमकी दी जा रही है। एसओ अनुज कुमार सिंह ने मंगलवार सुबह अखाड़े में पहुंचकर अध्यक्ष से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद होने का भरोसा दिलाया। दोपहर होते होते अखाड़ा कैंपस में दो प्लाटून पीएसी तैनात कर दी गई।
विवाद को लेकर पुलिस अलर्ट
इधर, सचिव पद से हटाए गए महंत बलवंत सिंह, बिल्डरों से अपनी जान को खतरा बताते हुए एसएसपी कृष्ण कुमार वीके से मुलाकात कर सुरक्षा मुहैया कराने की मांग भी की है।
अखाड़े की संपत्ति से जुड़ा विवाद होने के चलते पुलिस भी अलर्ट है। दरअसल, धार्मिक संपत्तियों को लेकर हुए विवाद के कई गंभीर परिणाम सामने आए है। कई संतों के खून से हरिद्वार की भूमि समय समय पर लाल होती रही है। इसलिए पुलिस पूरी तरह से चौकसी बरत रही है। खुफिया एजेंसी भी पैनी निगाह गढ़ाए हुए है।
श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा की जनरल वाडी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर महंत बलवंत सिंह को सचिव पद पर बने रहने का निर्णय लिया है। वहीं बैठक में मुखिया महंत दर्शन सिंह को अखाड़े का उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसी के साथ ही अखाड़े को बदनाम करने पर श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह के विरुद्ध अदालती कार्रवाई का मसौदा तैयार कर लिया है।