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चुनावी रण से पहले अपने बिछा रहे विधायक की राह में कांटे

Wed, 12 Jan 2022 11:48 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jan 2022 11:48 PM IST
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Thorns in the path of MLA laying his before the election battle
भाजपा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल विधानसभा प्रत्याशियों की सूची जारी होने से पहले ही चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। लेकिन ऋषिकेश में विधानसभा चुनाव को लेकर गुपचुप ढंग से की गई रायशुमारी बैठक के दौरान पार्टी के अंदर का अंतर्कलह एक फिर सामने आ गया। विधानसभा सीट के कई दावेदार वर्तमान विधायक के खिलाफ मुखर हो गए हैं। अब चुनाव से पहले असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को साधना मौजूदा विधायक के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
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ऋषिकेश विधानसभा सीट पर लगातार तीन बार विजयी पताका फहराने वाले भाजपा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के लिए इस बार चुनावी रण आसान नहीं होगा। उनको चुनावी समर में उतरने से पार्टी के भीतर चल रहे चुनावी रण को जीतना होगा। ऋषिकेश विधानसभा से टिकट के लिए 12 उम्मीदवार दावेदारी कर रहे हैं। इनमें मेयर अनीता ममगाईं, जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, पूर्व दर्जाधारी भगत राम कोठारी, संदीप गुप्ता, कृष्ण कुमार सिंघल, सरोज डिमरी, पार्षद प्रमोद शर्मा, कविता शाह, सुदेश कंडवाल, कपिल गुप्ता, आशुतोष शर्मा, जितेंद्र अग्रवाल के नाम शामिल हैं। बीते मंगलवार को अग्रवाल धर्मशाला में गुपचुप तरीके से हुई भाजपा की विधानसभा चुनाव की रायशुमारी बैठक में सीट के दावेदारों और उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। दावेदारों और उनके समर्थकों ने ऋषिकेश मंडल अध्यक्ष दिनेश सती पर रायशुमारी में शामिल ऋषिकेश, वीरभद्र और श्यामपुर मण्डल के पदाधिकारियों के नामों में बदलाव कर फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया है। दावेदारों और समर्थकों का आरोप है कि मौजूदा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के कहने पर यह कूटनीति रची गई थी। इस मामले में बकायदा हाईकमान को लिखित शिकायत भी भेजी गई है। विधानसभा चुनाव की दहलीज पर आने पर के इस तरह के विरोध के स्वर मौजूदा विधायक की चुनाव की राह को मुश्किल भरा बना सकते हैं। अब मौजूदा विधायक के सामने इतने कम समय में विरोधियों को साधना और चुनावी रण में मजबूती से उतरने की दोहरी चुनौती है। अब गतिरोध को शांत करने भाजपा हाईकमान भी मामले में हस्तक्षेप कर सकती है।
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