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Dehradun News: काबुल हाउस से बेघर हुए लोगों ने खुले आसमान के नीचे गुजारी रात
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Iबच्चों की पढ़ाई रुकी, न पीने का पानी है और न शौचालय की व्यवस्थाI
काबुल हाउस में रहने वाले लोगों के ऊपर से छत जा चुकी है। ऐसे में यहां की महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ी। सबका ठंडक में बुरा हाल है। तबीयत खराब हो रही है। घर का सारा सामान बाहर निकाल दिया गया है। बच्चे अपनी मां से पूछते हैं कि मां मेरे घर में ताला क्यों लगा दिया गया लेकिन घरवालों के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है।
दरअसल, शत्रु-संपत्ति घोषित हुए काबुल हाउस को जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को खाली करा लिया है। यहां पर रहने वाले 16 परिवार अब बेघर हो चुके हैं। इस प्रकरण में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए एक दिसंबर तक घर खाली कराने की अनुमति दे दी है। इस समयावधि में यह लोग अपना कब्जा यहां से छोड़ देंगे। लेकिन कोर्ट का यह आदेश कार्रवाई के बाद आया। तब तक घर सील हो चुके थे। ऐसे में यहां के लोगों को घर के बाहर रात गुजरना पड़ा। कुछ परिवारों ने घर के बाहर तिरपाल लगाकर रात वहीं पर गुजारी।
घर के बाहर पड़ा बेटी की शादी का सामान
प्रीति ने बताया कि उनकी उम्र 40 साल हो गई है। उनका जन्म इसी घर में हुआ, यहीं से शादी हुई। इसी घर में पिता की मृत्यु हो चुकी है और मां की तबीयत खराब रहती है। प्रशासन की टीम ने सामान उठाकर खुद ही घर के बाहर निकालना शुरू कर दिया। ऐसे में सब सामान इधर उधर हो गया। मां की दवाई भी नहीं मिल रही थी ऐसे में मां को रिश्तेदार के घर भेजना पड़ा। वहीं, संजय सिंह की बेटी पूजा की शादी 11 दिसंबर को है। घर में शादी की तैयारी चल रही थीं, कार्ड भी छप गए हैं। घर में रखा दहेज का सामान इस समय बाहर पड़ा हुआ है। शादी में दहेज के लिए फ्रिज, सोफा और ड्रेसिंग टेबल खरीद लिया था, जो अब धूल खा रहा है।
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Iबच्चों की पढ़ाई छूट रहीI
क्षमा ने बताया कि उनके बेटा सातवीं और बेटी केजी में पढ़ती है। इस समय बेटे के यूनिट टेस्ट और बेटी के एग्जाम चल रहे हैं लेकिन दोनों बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। घर खाली कराने आई प्रशासन की टीम ने बच्चों के बैग, कपड़े आदि सामान उठा उठाकर बाहर निकालना शुरू कर दिया था। इसलिए पता नहीं बैग और किताबें कहां पड़ी हैं। भगवान का मंदिर तक बाहर पड़ा हुआ है।
Iपीने का पानी नहीं, शौचालय में भी तालाI
बेघर हुए लोगों ने बताया कि घर के बाथरूम में भी ताला डाल दिया गया है बिजली और पानी की लाइन काट दी गई है। शौचालय जाने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में महिलाओं को खासी दिक्कत हो रही है।
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काबुल हाउस में रहने वाले लोगों के ऊपर से छत जा चुकी है। ऐसे में यहां की महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ी। सबका ठंडक में बुरा हाल है। तबीयत खराब हो रही है। घर का सारा सामान बाहर निकाल दिया गया है। बच्चे अपनी मां से पूछते हैं कि मां मेरे घर में ताला क्यों लगा दिया गया लेकिन घरवालों के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है।
दरअसल, शत्रु-संपत्ति घोषित हुए काबुल हाउस को जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को खाली करा लिया है। यहां पर रहने वाले 16 परिवार अब बेघर हो चुके हैं। इस प्रकरण में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए एक दिसंबर तक घर खाली कराने की अनुमति दे दी है। इस समयावधि में यह लोग अपना कब्जा यहां से छोड़ देंगे। लेकिन कोर्ट का यह आदेश कार्रवाई के बाद आया। तब तक घर सील हो चुके थे। ऐसे में यहां के लोगों को घर के बाहर रात गुजरना पड़ा। कुछ परिवारों ने घर के बाहर तिरपाल लगाकर रात वहीं पर गुजारी।
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घर के बाहर पड़ा बेटी की शादी का सामान
प्रीति ने बताया कि उनकी उम्र 40 साल हो गई है। उनका जन्म इसी घर में हुआ, यहीं से शादी हुई। इसी घर में पिता की मृत्यु हो चुकी है और मां की तबीयत खराब रहती है। प्रशासन की टीम ने सामान उठाकर खुद ही घर के बाहर निकालना शुरू कर दिया। ऐसे में सब सामान इधर उधर हो गया। मां की दवाई भी नहीं मिल रही थी ऐसे में मां को रिश्तेदार के घर भेजना पड़ा। वहीं, संजय सिंह की बेटी पूजा की शादी 11 दिसंबर को है। घर में शादी की तैयारी चल रही थीं, कार्ड भी छप गए हैं। घर में रखा दहेज का सामान इस समय बाहर पड़ा हुआ है। शादी में दहेज के लिए फ्रिज, सोफा और ड्रेसिंग टेबल खरीद लिया था, जो अब धूल खा रहा है।
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Iबच्चों की पढ़ाई छूट रहीI
क्षमा ने बताया कि उनके बेटा सातवीं और बेटी केजी में पढ़ती है। इस समय बेटे के यूनिट टेस्ट और बेटी के एग्जाम चल रहे हैं लेकिन दोनों बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। घर खाली कराने आई प्रशासन की टीम ने बच्चों के बैग, कपड़े आदि सामान उठा उठाकर बाहर निकालना शुरू कर दिया था। इसलिए पता नहीं बैग और किताबें कहां पड़ी हैं। भगवान का मंदिर तक बाहर पड़ा हुआ है।
Iपीने का पानी नहीं, शौचालय में भी तालाI
बेघर हुए लोगों ने बताया कि घर के बाथरूम में भी ताला डाल दिया गया है बिजली और पानी की लाइन काट दी गई है। शौचालय जाने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में महिलाओं को खासी दिक्कत हो रही है।