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खाद्य तेल से बायोफ्यूल बनाने की प्रक्रिया होगी तेज
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इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल से बायो फ्यूल बनाने का काम राज्य में तेज करने की कवायद शुरू कर दी गई है। रुको मिशन पर उत्तराखंड सीएसआईआर-आईआईपी, खाद्य एवं औषधि विभाग और एसडीसी फाउंडेशन मिलकर काम कर रहे हैं। इस तरह के प्रयास देहरादून में 2019 में शुरू कर दिये गये थे, लेकिन कोविड-19 के कारण इनमें कमी आ गई थी।
बुधवार को सीएसआईआर-आईआईपी, खाद्य एवं औषधि विभाग और एसडीसी फाउंडेशन की ओर से तहसील चौक स्थित एक होटल में अधिकारियों ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। आईआईपी के निदेशक अंजन रे ने कहा कि आईआईपी पूरे देश के 60 हजार गांवों में इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल से बायो फ्यूल बनाने के छोटे-छोटे प्लांट लगाना चाहती है। इस्तेमाल किए गए एक लीटर खाद्य तेल से 800 मिली लीटर तक बायो फ्यूल बनाया जा सकता है। आईआईपी के नीरज आत्रेय ने कहा कि उनका इरादा शहरी आवासीय क्षेत्रों और चारधाम यात्रा मार्ग को भी इस योजना से जोड़ने का है।
देहरादून के जिला अभिहित अधिकारी और रुको के नोडल अधिकारी गणेश कंडवाल ने खाद्य तेल का बार-बार इस्तेमाल किये जाने से होने वाली परेशानियों के बारे में बताया। हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज सेमवाल ने कहा कि कुंभ मेले में निकलने वाले इस्तेमाल खाद्य तेल को एकत्र करने की योजना बनाई जा रही है।
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एसडीसी फाउंडेशन के अनूप नौटियाल ने कहा कि उनकी संस्था देहरादून शहर के 25 से ज्यादा संस्थानों से इस्तेमाल खाद्य तेल को एकत्र कर आईआईपी के प्लांट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रही है। प्रेस वार्ता के दौरान इस अभियान से जुड़े कुछ व्यवसायियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
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बुधवार को सीएसआईआर-आईआईपी, खाद्य एवं औषधि विभाग और एसडीसी फाउंडेशन की ओर से तहसील चौक स्थित एक होटल में अधिकारियों ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। आईआईपी के निदेशक अंजन रे ने कहा कि आईआईपी पूरे देश के 60 हजार गांवों में इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल से बायो फ्यूल बनाने के छोटे-छोटे प्लांट लगाना चाहती है। इस्तेमाल किए गए एक लीटर खाद्य तेल से 800 मिली लीटर तक बायो फ्यूल बनाया जा सकता है। आईआईपी के नीरज आत्रेय ने कहा कि उनका इरादा शहरी आवासीय क्षेत्रों और चारधाम यात्रा मार्ग को भी इस योजना से जोड़ने का है।
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देहरादून के जिला अभिहित अधिकारी और रुको के नोडल अधिकारी गणेश कंडवाल ने खाद्य तेल का बार-बार इस्तेमाल किये जाने से होने वाली परेशानियों के बारे में बताया। हरिद्वार कुंभ मेला क्षेत्र के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज सेमवाल ने कहा कि कुंभ मेले में निकलने वाले इस्तेमाल खाद्य तेल को एकत्र करने की योजना बनाई जा रही है।
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एसडीसी फाउंडेशन के अनूप नौटियाल ने कहा कि उनकी संस्था देहरादून शहर के 25 से ज्यादा संस्थानों से इस्तेमाल खाद्य तेल को एकत्र कर आईआईपी के प्लांट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रही है। प्रेस वार्ता के दौरान इस अभियान से जुड़े कुछ व्यवसायियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।