एमकेपी महिला पीजी कॉलेज में पूर्व प्राचार्य की एक चूक से बीएससी की 90 छात्राओं का परीक्षा परिणाम गड़बड़ हो गया, जिससे भविष्य खतरे में पड़ गया है। छात्राएं परीक्षा तो दे आईं, लेकिन परिणाम में उनको अनुपस्थिति दिखाया गया। इसकी वजह से छात्राएं विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।
छात्राओं का आरोप है कि पूर्व प्राचार्य की चूक से 90 छात्राओं का दाखिला रुका हुआ है। बताया कि हेमवती नंदन बहुगुणा विवि की ओर से सभी कॉलेजों में परीक्षा की तिथि 31 मार्च 2021 निर्धारित की गई थी। सिर्फ बीए की परीक्षा पांच अप्रैल से होने के लिए आदेश आया था, लेकिन प्राचार्य ने बीएससी की परीक्षा तिथि पांच अप्रैल कर दी। इस तिथि पर छात्राएं परीक्षा देने नहीं आईं, लेकिन अन्य कॉलेजों में बीएससी की परीक्षा 31 मार्च को ही करा दी थी। इस आधार पर 90 छात्राओं की अनुपस्थिति लगा दी, जिससे परीक्षा परिणाम में गैरहाजिर आ रहा है। कहा कि छात्राओं की एमए की काउंसलिंग हो रही है। इसमें समस्याएं आ रही हैं।
कहा कि छात्राओं के पास दाखिला लेने के लिए समय कम है। अगर विवि की ओर से यह छूट प्रदान की जाए कि दाखिले में कोई समस्या नहीं आएगी तो राहत मिलेगी। उधर, प्राचार्य डॉ. सरिता कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद लगातार विवि रजिस्ट्रार और कंट्रोलर से बात हो रही है। विवि की ओर से दो दिन का समय मांगा गया है। दो दिन में विवि से पत्र आ जाएगा। इसके बाद दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। इसके लिए सभी छात्राओं को भी अवगत करा दिया गया है। छात्राओं के सामने ही रजिस्ट्रार ने फोन पर यह जानकारी दी। उधर, पूर्व प्राचार्य रेखा खरे का कहना है कि दो बार ई-मेल गलत आने और तीसरी बार सही ई-मेल देर से आने से छात्राओं को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि परीक्षा स्थगित हो गई है। बीएससी की परीक्षा स्थगित नहीं हुई थी, इस पर ध्यान नहीं दिया। विवि को छात्राओं की दोबारा परीक्षा कराने का अनुरोध भी किया गया था।