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Dehradun News: जिले में आधे से भी कम हैं टीबी जांच के लिए पोर्टेबल मशीनें
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टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में जनसंख्या के हिसाब से बेहद कम जांच हो रही हैं। इसके लिए पोर्टेबल मशीनों की बेहद कमी है। जिले में कुल 10 मशीनों की आवश्यकता है जबकि केवल चार मशीनों से काम किया जा रहा है। ऐसे में अब जिला प्रशासन ने जांच के लिए निजी सेक्टर का सहयोग लेने के निर्देश दिए हैं। ताकि, ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच कराने के बाद टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें पर्याप्त इलाज मुहैया कराया जा सके।
गौरतलब है कि मौजूदा वक्त में देहरादून जिले में करीब तीन हजार टीबी मरीज सक्रिय हैं जिनका इलाज चल रहा है। करीब 150 से ज्यादा हॉट जोन भी जिले में चिह्नित किए गए हैं। यहां पर विशेष स्क्रीनिंग यानी जांच अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में एक्स रे मशीनों के अलावा अन्य जांच के माध्यम से भी टीबी मरीजों की जांच की जा रही है। हालांकि, अभियान के लिए पोर्टेबल मशीनों की व्यवस्था भी सरकार की ओर से की गई है। जिला प्रशासन की टीबी कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले में जनसंख्या के सापेक्ष जांच बेहद कम हो रही हैं। इस पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने नाराजगी भी व्यक्त की थी।
इस पर जिलाधिकारी को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मौजूदा व्यवस्थाओं से भी अवगत कराया था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 10 पोर्टेबल जांच मशीनों की आवश्यकता है। इससे अभियान में तेजी आएगी और ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की जा सकती है। जबकि इसके सापेक्ष कुल चार मशीनों से ही दूर दराज में पहुंचकर स्क्रीनिंग की जा रही है। ऐसे में जांच अभियान में देरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ये मशीनें केंद्र सरकार की ओर से मुहैया कराई जानी हैं जिनके लिए प्रयास चल रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि स्क्रीनिंग को बढ़ाने के लिए निजी सेक्टर को साथ लिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से पूरी कार्ययोजना बनाने के लिए कहा गया है। ताकि, ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच तेजी से की जा सके।
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गौरतलब है कि मौजूदा वक्त में देहरादून जिले में करीब तीन हजार टीबी मरीज सक्रिय हैं जिनका इलाज चल रहा है। करीब 150 से ज्यादा हॉट जोन भी जिले में चिह्नित किए गए हैं। यहां पर विशेष स्क्रीनिंग यानी जांच अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में एक्स रे मशीनों के अलावा अन्य जांच के माध्यम से भी टीबी मरीजों की जांच की जा रही है। हालांकि, अभियान के लिए पोर्टेबल मशीनों की व्यवस्था भी सरकार की ओर से की गई है। जिला प्रशासन की टीबी कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले में जनसंख्या के सापेक्ष जांच बेहद कम हो रही हैं। इस पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने नाराजगी भी व्यक्त की थी।
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इस पर जिलाधिकारी को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मौजूदा व्यवस्थाओं से भी अवगत कराया था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 10 पोर्टेबल जांच मशीनों की आवश्यकता है। इससे अभियान में तेजी आएगी और ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की जा सकती है। जबकि इसके सापेक्ष कुल चार मशीनों से ही दूर दराज में पहुंचकर स्क्रीनिंग की जा रही है। ऐसे में जांच अभियान में देरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ये मशीनें केंद्र सरकार की ओर से मुहैया कराई जानी हैं जिनके लिए प्रयास चल रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि स्क्रीनिंग को बढ़ाने के लिए निजी सेक्टर को साथ लिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से पूरी कार्ययोजना बनाने के लिए कहा गया है। ताकि, ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच तेजी से की जा सके।
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