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जीवन जीने की कला सिखाती है राजयोग की सहज विधि
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क्लेमेंटटाउन स्थित प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में प्रेमलता बहन की द्धितीय प
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजयोग की सहज विधि हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। परमात्मा को जानने से ज्ञान, शांति, पवित्रता, सुख, प्रेम, आनंद और शक्ति मिलती है। साथ ही जीवन में प्रसन्नता आती है।
यह बातें शनिवार को सुभाष नगर स्थित प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मुख्य सेवा केंद्र में आयोजित ‘मुस्कान का मीलों लंबा सफर’ कार्यक्रम में राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी डॉ. निर्मला बहन ने कहीं। कार्यक्रम का आयोजन राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी प्रेमलता बहन की दूसरी पुण्य स्मृति में किया गया। इस दौरान राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी डॉ. निर्मला बहन ने प्रेमलता बहन के जीवन से जुड़े कई रोचक प्रसंग साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रेमलता बहन ने अपनी नम्रता व स्नेह भावना से संत महात्माओं की आध्यात्मिक सेवा की। प्रभु हरनाथ मंदिर, हरिद्वार के अध्यक्ष स्वामी देवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि प्रेमलता बहन पुण्यात्मा थीं, जिनके सानिध्य मात्र से शांति की अनुभूति होती थी। पंजाब ब्रह्मकुमारी के जोनल हेड राजयोगी ब्रह्मकुमार अमीरचंद ने कहा कि गृहस्थ जीवन कठिन तपस्या है। इस सफर में ईश्वर को साथी बना लें। इस अवसर पर वेदांत साधना कुटीर ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी स्वतंत्र मुनि महाराज, माधवा सिंह कंडारी, मीना बहन, मंजू बहन, सुशील आदि मौजूद रहे।
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राजयोग की सहज विधि हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। परमात्मा को जानने से ज्ञान, शांति, पवित्रता, सुख, प्रेम, आनंद और शक्ति मिलती है। साथ ही जीवन में प्रसन्नता आती है।
यह बातें शनिवार को सुभाष नगर स्थित प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मुख्य सेवा केंद्र में आयोजित ‘मुस्कान का मीलों लंबा सफर’ कार्यक्रम में राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी डॉ. निर्मला बहन ने कहीं। कार्यक्रम का आयोजन राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी प्रेमलता बहन की दूसरी पुण्य स्मृति में किया गया। इस दौरान राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी डॉ. निर्मला बहन ने प्रेमलता बहन के जीवन से जुड़े कई रोचक प्रसंग साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रेमलता बहन ने अपनी नम्रता व स्नेह भावना से संत महात्माओं की आध्यात्मिक सेवा की। प्रभु हरनाथ मंदिर, हरिद्वार के अध्यक्ष स्वामी देवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि प्रेमलता बहन पुण्यात्मा थीं, जिनके सानिध्य मात्र से शांति की अनुभूति होती थी। पंजाब ब्रह्मकुमारी के जोनल हेड राजयोगी ब्रह्मकुमार अमीरचंद ने कहा कि गृहस्थ जीवन कठिन तपस्या है। इस सफर में ईश्वर को साथी बना लें। इस अवसर पर वेदांत साधना कुटीर ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी स्वतंत्र मुनि महाराज, माधवा सिंह कंडारी, मीना बहन, मंजू बहन, सुशील आदि मौजूद रहे।
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