{"_id":"65e4cbbb50c19a054b0a7304","slug":"the-affected-people-demanded-discussion-with-the-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1030-363397-2024-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: प्रभावितों के चर्चा के बाद शुरू किया जाए बैराज का निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: प्रभावितों के चर्चा के बाद शुरू किया जाए बैराज का निर्माण
विज्ञापन
I- कब्जे के आधार पर प्रभावितों की सूची की जाए तैयार
I
I- भूति के नापजोख के एक सप्ताह पहले सूचना दे यूजेवीएनएलI
कटापत्थर बैराज प्रभावित संघर्ष समिति ने रविवार को बैठक आयोजित की। प्रभावितों ने बैराज निर्माण से पहले भूमि के अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों से चर्चा की मांग की। कहा कि ग्रामीणों को सूचना दिए बिना भूमि की नपाई नहीं होनी चाहिए। कहा कि भूमि पर कब्जे के आधार पर ही नापजोख और प्रभावितों की सूची तैयार की जाए। अगर बिना पूर्व सूचना के भूमि की नपाई की जाएगी तो विरोध करेंगे।
समिति के अध्यक्ष विरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि बैराज स्थल से 518 मीटर क्षेत्र में निर्माण की सीमा निर्धारित की गई है। कहा कि सीमा को 515 मीटर किया जाना चाहिए। बिन्हार क्षेत्र की एक बड़ा भाग ऐसा है, जिसमें राजस्व अभिलेखों में भूमि की स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में कब्जाधारक को ही भू-स्वामी माना जाना चाहिए। कहा कि कब्जे के आधार पर प्रभावितों की सूची तैयार कर मुआवजा बांटा जाए। उन्होंने कहा कि योजना निर्माण के दायरे में आने वाले परिवारों को विस्थापित घोषित कर पहले विस्थापन की प्रकिया शुरू करनी चाहिए। कहा कि भूमि के नापजोख और विस्थापन की प्रकिया शुरू करने से एक सप्ताह पूर्व यूजेवीएनल प्रभावितों को सूचित करें। बैठक में समिति के सचिव राजेंद्र सिंह वर्मा, बाबूलाल, महेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, पूरण सिंह, नारायण सिंह, इंद्र सिंह, भूरू सिंह, विनोद कुमार आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
I
I- भूति के नापजोख के एक सप्ताह पहले सूचना दे यूजेवीएनएलI
कटापत्थर बैराज प्रभावित संघर्ष समिति ने रविवार को बैठक आयोजित की। प्रभावितों ने बैराज निर्माण से पहले भूमि के अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों से चर्चा की मांग की। कहा कि ग्रामीणों को सूचना दिए बिना भूमि की नपाई नहीं होनी चाहिए। कहा कि भूमि पर कब्जे के आधार पर ही नापजोख और प्रभावितों की सूची तैयार की जाए। अगर बिना पूर्व सूचना के भूमि की नपाई की जाएगी तो विरोध करेंगे।
समिति के अध्यक्ष विरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि बैराज स्थल से 518 मीटर क्षेत्र में निर्माण की सीमा निर्धारित की गई है। कहा कि सीमा को 515 मीटर किया जाना चाहिए। बिन्हार क्षेत्र की एक बड़ा भाग ऐसा है, जिसमें राजस्व अभिलेखों में भूमि की स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में कब्जाधारक को ही भू-स्वामी माना जाना चाहिए। कहा कि कब्जे के आधार पर प्रभावितों की सूची तैयार कर मुआवजा बांटा जाए। उन्होंने कहा कि योजना निर्माण के दायरे में आने वाले परिवारों को विस्थापित घोषित कर पहले विस्थापन की प्रकिया शुरू करनी चाहिए। कहा कि भूमि के नापजोख और विस्थापन की प्रकिया शुरू करने से एक सप्ताह पूर्व यूजेवीएनल प्रभावितों को सूचित करें। बैठक में समिति के सचिव राजेंद्र सिंह वर्मा, बाबूलाल, महेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, पूरण सिंह, नारायण सिंह, इंद्र सिंह, भूरू सिंह, विनोद कुमार आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन