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उत्तराखंड: अशासकीय स्कूलों में नियुक्तियों पर लगी रोक हटी, अब नए नियमों से होगी नियुक्तियां

Tue, 26 Jun 2018 08:55 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 26 Jun 2018 08:55 PM IST
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Teachers recruitment process new rule for Non government schools in uttarakhand
फाइल फोटो

अशासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति पर लगी रोक हटाकर सचिव विद्यालयी शिक्षा डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने नियुक्ति प्रक्रिया दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत, अशासकीय विद्यालयों में अब नए नियमों के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया होगी।

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छह जुलाई 2017 को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने का एलान किया था। उन्होंने बताया था कि आचार संहिता लागू होने के बाद कुछ अशासकीय विद्यालयों में मनमाने ढंग से नियुक्तियां हुई हैं। अल्मोड़ा के आर्य कन्या विद्यालय में 25-25 लाख रुपये लेकर नियुक्तियां करने की शिकायत मिली थी, जो विभागीय जांच में सही पाई गई है। विद्यालय प्रबंधन ने इंटरव्यू और अनुभव में अधिक अंक देकर कम मेरिट वालों को नियुक्ति दे दी।
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जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद मौजूदा शिक्षा सत्र में हुई सभी नियुक्तियां रद्द कर दी गई थीं। साथ ही जिन विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया चल रही थी, उसे भी रोक दिया गया था। अब करीब 11 माह बाद प्रदेश सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया पर लगी रोक हटा ली है। विद्यालयों में अब नए नियमों के अनुसार नियुक्ति होगी। गढ़वाल के 204 और कुमाऊं के 130 अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होनी है।

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अब तक ऐसे होती थी नियुक्ति

Teachers recruitment process new rule for Non government schools in uttarakhand
interview

प्रबंधन का घटेगा दखल
नई प्रक्रिया के अनुसार, विज्ञप्ति जारी होने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी और विद्यालय प्रबंधन मेरिट तैयार करेंगे। इसी मेरिट के आधार पर इंटरव्यू लिए जाएंगे। विद्यालय प्रबंधन अधिकतम पांच नंबर का इंटरव्यू ले सकते हैं। हालांकि, इसमें उत्तराखंड बोर्ड के अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्योंकि सीबीएसई या अन्य बोर्ड की तुलना में उत्तराखंड बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया कठिन समझी जाती है।

अब तक ऐसे होती थी नियुक्ति
अभी तक अशासकीय स्कूलों में नियुक्ति मुख्य शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में एक्सपर्ट कमेटी और प्रबंधन समिति मिलकर करती थी। विज्ञप्ति जारी करने के बाद सीईओ के स्तर से मेरिट तैयार की जाती थी। जिस पर तीन विभागीय एक्सपर्ट और प्रबंधक आवेदकों के इंटरव्यू करते थे। प्रबंधक किसी भी अभ्यर्थी को इंटरव्यू में अधिकतम 18 अंक तक दे सकते थे।

सरकार को अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति के लिए एक्ट लाना चाहिए। यह व्यवस्था भी पूरी तरह पारदर्शी नहीं है। अगर यही करना था तो एक साल पहले कर लिया जाता। छात्र-छात्राओं को एक साल बिना शिक्षकों के पढ़ाई करनी पड़ी है। -देवी जोशी, प्रांतीय महासचिव, अशासकीय स्कूल संघर्ष समिति

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