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Uttarakhand: बीमार और लंबी छुट्टी पर चल रहे शिक्षक होंगे अनिवार्य सेवानिवृत्त, मिलेगी पूरी पेंशन
Wed, 10 Aug 2022 08:53 AM IST
शाहरुख खान
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून।
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून।
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 10 Aug 2022 08:53 AM IST
सार
प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में 72 हजार शिक्षक कार्यरत हैं। विभाग के मुताबिक इनमें बड़ी संख्या में शिक्षक बीमार हैं और लंबी अवधि से छुट्टी पर चल रहे हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। विभाग की ओर से अब इस तरह के शिक्षकों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति देने के लिए फामूर्ला तैयार किया जा रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
शिक्षा विभाग में बीमार और लंबी अवधि से छुट्टी पर चल रहे शिक्षकों को अब अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त करने की तैयारी है। विभाग की ओर से हर जिले में इस तरह के शिक्षकों को चिह्नित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन शिक्षकों की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सेवानिवृत्ति के बाद इन शिक्षकों को पूरी पेंशन मिलेगी। वहीं, इनकी सेवानिवृत्ति से नए युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे।
प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में 72 हजार शिक्षक कार्यरत हैं। विभाग के मुताबिक इनमें बड़ी संख्या में शिक्षक बीमार हैं और लंबी अवधि से छुट्टी पर चल रहे हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। विभाग की ओर से अब इस तरह के शिक्षकों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति देने के लिए फामूर्ला तैयार किया जा रहा है।
शिक्षा निदेशक वंदना गर्ब्याल के मुताबिक बेसिक के शिक्षकों का जिला कैडर है, लेकिन कोर्ट के एक आदेश के बाद अब यह व्यवस्था की गई है कि शिक्षक भर्ती के लिए प्रदेश के किसी भी जिले का युवा किसी भी जिले से आवेदन कर सकता है। इस व्यवस्था से गढ़वाल के कुछ युवा कुमाऊं में तो कुमाऊं के युवा गढ़वाल मंडल में नियुक्ति पा चुके हैं। जो गृह जिले में तैनाती के लिए प्रयासरत रहते हैं और अक्सर तबादलों के लिए खुद को बीमार बताते हैं।
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उनके परिजनों की ओर से भी बीमारी एवं अन्य कारण बताते हुए इसके लिए आवेदन किया जाता है। जबकि कुछ शिक्षक लंबी छुट्टी पर हैं। जिससे स्कूलों में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिन शिक्षकों की 20 साल से अधिक की सेवा हो चुकी है और जो अक्सर बीमार रहते हैं, उन शिक्षकों को चिह्नीत किया जा रहा है। जिला स्तर से इनकी रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित की पत्रावली को मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेजा जाएगा।
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प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में 72 हजार शिक्षक कार्यरत हैं। विभाग के मुताबिक इनमें बड़ी संख्या में शिक्षक बीमार हैं और लंबी अवधि से छुट्टी पर चल रहे हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। विभाग की ओर से अब इस तरह के शिक्षकों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति देने के लिए फामूर्ला तैयार किया जा रहा है।
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शिक्षा निदेशक वंदना गर्ब्याल के मुताबिक बेसिक के शिक्षकों का जिला कैडर है, लेकिन कोर्ट के एक आदेश के बाद अब यह व्यवस्था की गई है कि शिक्षक भर्ती के लिए प्रदेश के किसी भी जिले का युवा किसी भी जिले से आवेदन कर सकता है। इस व्यवस्था से गढ़वाल के कुछ युवा कुमाऊं में तो कुमाऊं के युवा गढ़वाल मंडल में नियुक्ति पा चुके हैं। जो गृह जिले में तैनाती के लिए प्रयासरत रहते हैं और अक्सर तबादलों के लिए खुद को बीमार बताते हैं।
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उनके परिजनों की ओर से भी बीमारी एवं अन्य कारण बताते हुए इसके लिए आवेदन किया जाता है। जबकि कुछ शिक्षक लंबी छुट्टी पर हैं। जिससे स्कूलों में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिन शिक्षकों की 20 साल से अधिक की सेवा हो चुकी है और जो अक्सर बीमार रहते हैं, उन शिक्षकों को चिह्नीत किया जा रहा है। जिला स्तर से इनकी रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित की पत्रावली को मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेजा जाएगा।
शिक्षा विभाग में गंभीर बीमार शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
- बंशीधर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक
करीब दो हजार शिक्षक हैं बीमार और दिव्यांग
माध्यमिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के मुताबिक विभाग में करीब दो हजार से अधिक शिक्षक गंभीर बीमार और दिव्यांग हैं। इसमें वे दिव्यांग शामिल नहीं हैं, जिनकी आरक्षण के आधार पर नौकरी लगी है। लंबी अवधि से छुट्टी पर चल रहे कुछ शिक्षकों की दोनों मंडल विभाग से छुट्टी कर चुके हैं। इस तरह के अन्य शिक्षकों को चिह्नित किया जा रहा है।
- बंशीधर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक
करीब दो हजार शिक्षक हैं बीमार और दिव्यांग
माध्यमिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के मुताबिक विभाग में करीब दो हजार से अधिक शिक्षक गंभीर बीमार और दिव्यांग हैं। इसमें वे दिव्यांग शामिल नहीं हैं, जिनकी आरक्षण के आधार पर नौकरी लगी है। लंबी अवधि से छुट्टी पर चल रहे कुछ शिक्षकों की दोनों मंडल विभाग से छुट्टी कर चुके हैं। इस तरह के अन्य शिक्षकों को चिह्नित किया जा रहा है।