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अपना अभिषेक स्वयं कर शंकराचार्य बन बैठे स्वरूपानंद, विरोध में उतरा धर्म महामंडल

Sun, 03 Dec 2017 08:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Sun, 03 Dec 2017 08:16 AM IST
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Swaroopanand become again Shankaracharya
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती

ज्योतिष्पीठ के नए शंकराचार्य का चयन करने के बजाया स्वरूपानंद सरस्वती ने जबलपुर में अपना अभिषेक पुन: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में करा लिया।

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स्वरूपानंद सरस्वती के खुद को दुबारा शंकराचार्य बनाने पर पुरी और शृंगेरी के शंकराचार्यों सख्त नाराज हैं। पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने जबलपुर में हुए अभिषेक की पूरी रिपोर्ट मंगाई है और शृंगेरी के शंकराचार्य भारती तीर्थ ने कहा है कि वे चयन प्रक्रिया में भाग लेने काशी आएंगे। धर्म मंडल ने स्वरूपानंद द्वारा कराए गए अपने चयन को अमान्य कर दिया है।
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद से वासुदेवानंद सरस्वती और स्वरूपानंद सरस्वती दोनों को ही इस पद के अयोग्य पाया था। स्वरूपानंद पर आरोप था कि वे द्वारिका के शंकराचार्य रहते हुए ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य नहीं बन सकते। उच्च न्यायालय ने पुरी और शृंगेरी के
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शंकराचार्यों से आग्रह किया था कि वो द्वारिका के शंकराचार्य के साथ बैठकर ज्योतिष्पीठ के नए शंकराचार्य का चयन कर लें। इस कार्य में काशी विद्वत्व परिषद और धर्म महामंडल भी सहयोग प्रदान करेगा।
 

धर्म महामंडल के सच‌िव ने लगाए स्वामी स्वरूपानंद पर गंभीर आरोप

Swaroopanand become again Shankaracharya
स्वरूपानंद सरस्वती
इसके विपरीत इसी सप्ताह स्वरूपानंद सरस्वती ने जबलपुर में अपना अभिषेक पुन: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में करा लिया। अब वे फिर से ज्योतिष्पीठ और शारदामठ के शंकराचार्च बन गए हैं। इस पर धर्म मंडल ने उच्च न्यायालय से शिकायत की है। धर्म मंडल के साथ-साथ काशी  विद्वत्व परिषद ने भी आपत्ति दर्ज कराई है।

धर्म महामंडल के सचिव राजेश राय ने स्वामी स्वरूपानंद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि स्वरूपानंद दबाव बनाकर फिर से इस पद पर आसीन हो गए। मठमाया में साफ साफ लिखा है कि कोई भी संन्यासी दो पीठों का शंकराचार्य नहीं हो सकता।

 राय ने बताया कि उच्च न्यायालय से धर्म महामंडल ने आग्रह किया है कि वे उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में यह चुनाव कराएं। साथ ही स्वरूपानंद का स्वयंभू अभिषेक रद्द कर दें। धर्म महामंडल ने पुरी और श्रृंगेरी के शंकराचार्यों को समूची रिपोर्ट भेज दी है।
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