हरिद्वार: गंगा की अविरलता के लिए स्वामी शिवानंद ने शुरू किया आमरण अनशन
- कहा, स्वामी सानंद और पदमावती की मांगों को बल मिले, इसलिए लिया निर्णय
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मातृसदन में आमरण अनशन कर रहे मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मातृसदन पहुंची। यहां स्वामी शिवानंद ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और परीक्षण करवाने से इनकार कर दिया। काफी देर तक बाहर बुलाने पर भी नहीं आने पर एसडीएम कुश्म चौहान के नेतृत्व में गई स्वास्थ्य विभाग की टीम लौट गई।
स्वामी शिवानंद सरस्वती ने 10 मार्च को अपने शिष्य ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन समाप्त कराकर खुद आमरण अनशन शुरू कर दिया था। उनका कहना है कि उनकी कोई मांग नहीं है वे तो केवल गंगा की रक्षा के लिए आमरण अनशन करने वाले स्वामी सानंद, साध्वी पद्मावती और ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद की मांगों को बल मिले इसके लिए आमरण अनशन कर रहे हैं। पांच दिन से केवल पानी के सहारे रह रहे स्वामी शिवानंद का स्वास्थ्य तेजी से गिर रहा है। मातृसदन के ब्रह्मचारियों के अनुसार शिवानंद को बीती रात चार पांच बार उल्टी। हुई इससे पहले वे बेहोश भी हो गए थे।
तपस्या कर रहा हूं, परीक्षण नहीं कराऊंगा: शिवानंद
सुबह सोशल मीडिया पर इस बारे में खबरें प्रसारित होने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम कुश्म चौहान और सीओ अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्रशासन की टीम मातृसदन पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी उनका मेडिकल परीक्षण करने पहुंची, लेकिन स्वामी शिवानंद सरस्वती ने अपना परीक्षण नहीं कराया। उन्होंने कहा कि वे परीक्षण नहीं कराएंगे, क्योंकि वे अब आत्मा को परमात्मा से मिलन कराने के लिए तपस्या कर रहे हैं।
इसके बाद वे आश्रम के एक कमरे में चले गए। काफी देर की मान मनौव्वर के बाद प्रशासन के अधिकारी भी लौट आए। ब्रह्मचारी दयानंद ने बताया कि स्वामी शिवानंद अपनी संकल्प के अनुसार सात दिन से केवल डेढ़ लीटर पानी पी रहे हैं। एसडीएम कुश्म चौहान ने बताया कि प्रशासन स्वामी शिवानंद सरस्वती से अनशन समाप्त करने का आग्रह कर रहा है।
मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती का कहना है कि वे तपस्या कर रहे हैं। इसलिए अपना मेडिकल परीक्षण नहीं कराएंगे। अगर प्रशासन उन्हें जबरन उठाकर मारना चाहता है तो वे इसके लिए भी तैयार हैं। आज तक प्रशासन जिसे भी उठाकर ले गया है उसे मार दिया गया या मरने के लिए छोड़ दिया गया।