भारत-नेपाल सीमा पर पकड़े गए संदिग्ध की सच्चाई जान हैरान रह गई पुलिस, पड़ताल में सच आया सामने
तीन दिन पहले जिले के पंचेश्वर में महाकाली नदी पार कर नेपाल से भारत में दाखिल होते पकड़े गए संदिग्ध की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने उसकी पहचान आंध्र प्रदेश निवासी पूर्व सैनिक टी वैंकटरमन के रूप में की है।
एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने आंध्र प्रदेश पुलिस से संदिग्ध की तस्दीक के बाद यह जानकारी दी। टी वैंकटरमन को तीन दिन पहले एसएसबी ने हिरासत में लेकर पंचेश्वर कोतवाली को सौंपा दिया था। पुलिस अधीक्षक ने बताया पूर्व सैनिक टी वैंकटरमन बठिंडा (पंजाब) में अपने फौजी दामाद आई नागार्जुन के सरकारी क्वाटर में कुछ दिनों के लिए ठहरा था।
20 जुलाई 2017 को बाजार में सामान खरीदने के दौरान वह भटक गया था, जिसकी बठिंडा पुलिस में गुमशुदगी दर्ज है। इस बीच वह ट्रेन और पैदल सफर करते हुए नेपाल पहुंच गया। शनिवार को महाकाली नदी पार करते वक्त एसएसबी ने उसे हिरासत में लिया था।
आर्मी सप्लाई कोर से 1991 में हुए थे सेवानिवृत्त
एसपी के निर्देश पर टी वैंकटरमन का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। सोमवार को पुलिस ने उसे आंध्र प्रदेश से आए परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मिलने की आस खो चुके परिजन इसे चमत्कार से कम नहीं मानते। उन्होंने एसएसबी और उत्तराखंड पुलिस का आभार जताया।
आर्मी सप्लाई कोर से 1991 में हुए थे सेवानिवृत्त
चंपावत। तीन दिन पूर्व संदिग्धावस्था में पकड़े गए टी वैंकटरमन भाषाई दिक्कत के चलते अपनी बात को स्पष्ट नहीं कर सके थे। वह केवल इतना बता पाए कि 1975 में आर्मी सप्लाई कोर में भर्ती हुए और 1991 में जबलपुर से सेवानिवृत्त हुए थे। पुलिस जांच में पता चला कि उनका आंध्र प्रदेश में कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।