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Dehradun News: छात्रों को लैमलर केराटोप्लास्टी तकनीकी के बारे में बताया
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Iदून अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
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Iदून अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की ओर से कार्निया प्रत्यारोपण पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्रों को लैमलर केराटोप्लास्टी तकनीकी के बारे में बताया गया। साथ ही मशीन पर इसका प्रयोग भी किया गया। नेत्र रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. शांति पांडेय ने बताया कि लैमलर केराटोप्लास्टी एक उन्नत नेत्र शल्य चिकित्सा विधि है। इसकी मदद से किसी भी व्यक्ति के कार्निया की सिर्फ खराब हुई परत को बदला जा सकता है। शेष हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इससे एक कार्निया दो से तीन मरीजों में इस्तेमाल की जा सकेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन और उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नंदन सिंह बिष्ट ने किया। दोनों ने स्वयं मशीन के माध्यम से इसके प्रयोग की विधि समझी। डॉ. नंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि आने वाले दिनों में अस्पताल में आई बैंक की शुरुआत होने जा रही है। साथ ही ट्रांसप्लांट यूनिट भी शुरू की जाएगी। छात्रों और चिकित्सकों को दिया जा रहा लैमलर केराटोप्लास्टी तकनीकी का प्रशिक्षण अहम साबित होगा। इस दौरान डॉ. हिमानी और डॉ. हर्षिता आदि मौजूद रहीं।I
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Iदून अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की ओर से कार्निया प्रत्यारोपण पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्रों को लैमलर केराटोप्लास्टी तकनीकी के बारे में बताया गया। साथ ही मशीन पर इसका प्रयोग भी किया गया। नेत्र रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. शांति पांडेय ने बताया कि लैमलर केराटोप्लास्टी एक उन्नत नेत्र शल्य चिकित्सा विधि है। इसकी मदद से किसी भी व्यक्ति के कार्निया की सिर्फ खराब हुई परत को बदला जा सकता है। शेष हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इससे एक कार्निया दो से तीन मरीजों में इस्तेमाल की जा सकेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन और उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नंदन सिंह बिष्ट ने किया। दोनों ने स्वयं मशीन के माध्यम से इसके प्रयोग की विधि समझी। डॉ. नंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि आने वाले दिनों में अस्पताल में आई बैंक की शुरुआत होने जा रही है। साथ ही ट्रांसप्लांट यूनिट भी शुरू की जाएगी। छात्रों और चिकित्सकों को दिया जा रहा लैमलर केराटोप्लास्टी तकनीकी का प्रशिक्षण अहम साबित होगा। इस दौरान डॉ. हिमानी और डॉ. हर्षिता आदि मौजूद रहीं।I