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छात्रों के मंदिर परिसर में रात गुजारने का मामला, अगली सुबह परीक्षा देकर खिले चेहरे
Wed, 03 Apr 2019 02:31 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भवाली (नैनीताल)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भवाली (नैनीताल)
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 03 Apr 2019 02:31 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में 12वीं की वैकल्पिक परीक्षा देने आए करीब 43 छात्रों को स्कूल में रहने की कोई व्यवस्था न होने की बात कहकर मंगलवार को रात आठ बजे स्कूल परिसर से बाहर कर दिया गया था। इन छात्रों में से अधिकतर ने यहां गोल्ज्यू मंदिर परिसर में शरण ले रखी थी। बुधवार को इन छात्रों ने परीक्षा दी और गोल्ज्यू भगवान को धन्यवाद कहा।
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स्कूल की प्रधानाचार्य कर्नल स्मिता मिश्रा का कहना था कि सभी छात्रों को स्कूल से पहले ही क्लीयरेंस दिया जा चुका था। उनसे इस पेपर के लिए आने पर रहने की व्यवस्था खुद करने को कहा गया था। घोड़ाखाल सैनिक स्कूल के 12वीं के छात्रों की मुख्य परीक्षा 18 मार्च को संपन्न हो गई थी। स्कूल प्रशासन के अनुसार विदाई के बाद सभी छात्र घर चले गए थे। इनका मल्टी मीडिया का वैकल्पिक पेपर तीन अप्रैल को होना था। इसके लिए यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, पंजाब और उत्तराखंड के करीब 43 बच्चे मंगलवार को सैनिक स्कूल पहुंच गए थे। इनमें से नौ बच्चे एनडीए की परीक्षा पास कर चुके हैं।
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सुबह पहुंचे कुछ छात्रों के अनुसार स्कूल प्रशासन ने उनका सामान परिसर में रखवा लिया था। वह घर जाते वक्त ड्रेस यहां पढ़ रहे छात्रों को दे गए थे, जो अभी छुट्टी पर हैं। इसलिए उनको ड्रेस हासिल नहीं हो सकी। उनका आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने ड्रेस न होने और शाम के डिनर में न आने की बात कह उन्हें रात आठ बजे स्कूल परिसर से बाहर कर दिया। जबकि उनको डिनर का आमंत्रण नहीं मिला था। इसके बाद कुछ बच्चे भवाली के होटलों में रहने के लिए चले गए और करीब 28 बच्चों ने निकट ही स्थित न्याय के देवता गोल्ज्यू मंदिर में शरण ली थी।
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