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छात्रसंघ चुनाव : छात्र संगठनों ने रणनीति पर शुरू किया मंथन
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हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के चुनाव की घोषणा के बाद श्रीदेव सुमन विवि से जुड़े महाविद्यालयाें में भी अक्तूबर के अंत तक छात्रसंघ चुनाव होने की उम्मीद है। इसे देखते हुए वीर शहीद केसरीचंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डाकपत्थर के छात्र संगठनों ने भी चुनाव की रणनीति को लेकर मंथन शुरू कर दिया है।
उम्मीदवारों के नामों के अंतिम चयन को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। महाविद्यालय परिसर में भी छात्र संगठनों से जुड़े नेता अपने अपने तरीके से वोटरों को रिझाने में जुट गए हैं। डाकपत्थर स्थित महाविद्यालय पछवादून और जौनसार बावर का सबसे बड़ा महाविद्यालय है। यहां 2400 छात्र अध्ययनरत हैं। महाविद्यालय में बड़ी संख्या में जौनसार बावर के छात्र भी पढ़ते हैं। अक्सर मुख्य मुकाबला एबीवीपी और आर्यन छात्र संगठन के बीच रहता है। एनएसयूआई के उम्मीदवार भी मैदान में उतरते हैं। बीते साल हुए चुनाव में एबीवीपी ने छात्रसंघ अध्यक्ष और महासचिव समेत सभी छह पदों को आर्यन के उम्मीदवारों को भारी मतों के अंतर से हराया।
अब एक बार फिर चुनाव नजदीक आते हैं एबीवीपी और आर्यन छात्र संगठन से जुटे छात्रों ने जीत सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। दोनों संगठन छात्र हितों के लिए संघर्ष के बड़े बड़े दावे कर चुके हैं। महाविद्यालय की मूलभूत समस्याओं को लेकर एबीवीपी और आर्यन के छात्र इस शैक्षिक सत्र में महाविद्यालय में कई बार तालाबंदी और प्रदर्शन कर चुके हैं।
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वैसे तो संगठन वर्ष भर तैयारी करता है, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते है छात्रों से संपर्क शुरू कर दिया जाता है। हेल्प डेस्क लगाकर छात्रों की मदद की जाती है। उन्हें संगठन की नीतियों को भी जानकारी दी जाती है। जिससे प्रभावित होकर कई छात्र संगठन का हिस्सा बनते हैं। एक बार भी एबवीपी बीते साल के इतिहास को दोहराएगी।
आशीष बिष्ट, जिला संयोजक, एबीवीपी
आर्यन छात्र संगठन हमेशा छात्र हितों के मुद्दों की लड़ाई लड़ता है। छात्रों के लिए किए गए कार्यों और संघर्ष के आधार पर ही वोट मांगे जाते हैं। इस बार महाविद्यालय में वाईफाई की सुविधा, रिक्त पदों पर प्राध्यापकों की नियुक्त, महाविद्यालय तक बस सुविधा जैसे तमाम मुद्दों के आधार पर चुनाव लड़ा जाएगा। निश्चित तौर पर इस बार आर्यन छात्र संघ चुनाव में जीत हासिल करेगा।
- जयपाल सिंह, चुनाव प्रभारी, आर्यन छात्र संगठन
बीते कई साल से एबीवीपी छात्रसंघ चुनाव में जीतती आ रही है, लेकिन समस्याएं जस की तस हैं। छात्रों की समस्याओं का कोई समाधान एबीवीपी नहीं करा सकी है। इस बार के चुनाव में एनएसयूआई मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी।
- ऋषभ चौहान, जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई
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उम्मीदवारों के नामों के अंतिम चयन को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। महाविद्यालय परिसर में भी छात्र संगठनों से जुड़े नेता अपने अपने तरीके से वोटरों को रिझाने में जुट गए हैं। डाकपत्थर स्थित महाविद्यालय पछवादून और जौनसार बावर का सबसे बड़ा महाविद्यालय है। यहां 2400 छात्र अध्ययनरत हैं। महाविद्यालय में बड़ी संख्या में जौनसार बावर के छात्र भी पढ़ते हैं। अक्सर मुख्य मुकाबला एबीवीपी और आर्यन छात्र संगठन के बीच रहता है। एनएसयूआई के उम्मीदवार भी मैदान में उतरते हैं। बीते साल हुए चुनाव में एबीवीपी ने छात्रसंघ अध्यक्ष और महासचिव समेत सभी छह पदों को आर्यन के उम्मीदवारों को भारी मतों के अंतर से हराया।
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अब एक बार फिर चुनाव नजदीक आते हैं एबीवीपी और आर्यन छात्र संगठन से जुटे छात्रों ने जीत सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। दोनों संगठन छात्र हितों के लिए संघर्ष के बड़े बड़े दावे कर चुके हैं। महाविद्यालय की मूलभूत समस्याओं को लेकर एबीवीपी और आर्यन के छात्र इस शैक्षिक सत्र में महाविद्यालय में कई बार तालाबंदी और प्रदर्शन कर चुके हैं।
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वैसे तो संगठन वर्ष भर तैयारी करता है, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते है छात्रों से संपर्क शुरू कर दिया जाता है। हेल्प डेस्क लगाकर छात्रों की मदद की जाती है। उन्हें संगठन की नीतियों को भी जानकारी दी जाती है। जिससे प्रभावित होकर कई छात्र संगठन का हिस्सा बनते हैं। एक बार भी एबवीपी बीते साल के इतिहास को दोहराएगी।
आशीष बिष्ट, जिला संयोजक, एबीवीपी
आर्यन छात्र संगठन हमेशा छात्र हितों के मुद्दों की लड़ाई लड़ता है। छात्रों के लिए किए गए कार्यों और संघर्ष के आधार पर ही वोट मांगे जाते हैं। इस बार महाविद्यालय में वाईफाई की सुविधा, रिक्त पदों पर प्राध्यापकों की नियुक्त, महाविद्यालय तक बस सुविधा जैसे तमाम मुद्दों के आधार पर चुनाव लड़ा जाएगा। निश्चित तौर पर इस बार आर्यन छात्र संघ चुनाव में जीत हासिल करेगा।
- जयपाल सिंह, चुनाव प्रभारी, आर्यन छात्र संगठन
बीते कई साल से एबीवीपी छात्रसंघ चुनाव में जीतती आ रही है, लेकिन समस्याएं जस की तस हैं। छात्रों की समस्याओं का कोई समाधान एबीवीपी नहीं करा सकी है। इस बार के चुनाव में एनएसयूआई मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी।
- ऋषभ चौहान, जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई