सैन्य सम्मान के साथ हुआ जवान रमेश नेगी का अंतिम संस्कार, पार्थिव शरीर देख बेसुध हुई पत्नी
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लेबनान में हृदय गति रुकने से जवान रमेश नेगी की मौत के सात दिन बाद बुधवार रात उनका पार्थिव शरीर यहां स्थित उनके आवास पहुंचा। पति का शव देखकर पत्नी बेसुध हो गईं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया।
बृहस्पतिवार की सुबह उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इसके बाद ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, रमेश नेगी तेरा नाम रहेगा’ के नारे के साथ हरिद्वार में सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मूल रूप से चमोली जिले की तहसील पोखरी के गांव मालकोटी निवासी रमेश नेगी (44) पुत्र गजपाल सिंह नेगी 11 जाट रेजीमेंट में तैनात थे। वर्तमान में वह रुड़की स्थित टोडा कल्याणपुर गांव के पास नंदा कॉलोनी में अपनी पत्नी शशि देवी, बेटी भावना और बेटे राहुल के साथ रह रहे थे।
रमेश नेगी चार मई को शांति सेना में शामिल होकर लेबनान गए थे। 11 जुलाई को घर पर सूचना आई थी कि हृदय गति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई है। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया था। सेना की ओर से उनका पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए पूरी कागजी कार्रवाई की जा रही थी।
एक सप्ताह बाद बुधवार देर रात उनका पार्थिव शरीर नंदा कॉलोनी स्थित आवास पहुंचा। पति का शव देखकर पत्नी शशि देवी बेसुध हो गईं। वहीं, उनके अंतिम दर्शन करने के लिए बृहस्पतिवार सुबह घर के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
इसके बाद उनका पार्थिव शरीर हरिद्वार ले जाया गया, जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान समाजसेवी सतीश नेगी, कुलदीप सिंह कंडारी, रमेश पंवार, बचन सिंह, रोहित सिंह नेगी, मनवर सिंह रावत परिवार को सांत्वना दी।