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Uttarakhand: 40 सोलर प्रोजेक्ट का टेंडर अब नहीं होगा, विद्युत नियामक आयोग ने उरेडा की याचिका पर लिया निर्णय
Sat, 29 Mar 2025 05:27 PM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 29 Mar 2025 05:27 PM IST
सार
यूपीसीएल के 200 मेगावाट सौर ऊर्जा लक्ष्य को लेकर उरेडा ने टेंडर जारी किया था। इसके तहत 40 ऐसे प्रोजेक्ट थे, जिनका टेंडर आवंटित होने के बाद कई बार उरेडा उनकी पूर्णता तिथि बढ़ा चुका था।
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सोलर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा अभिकरण (उरेडा) की ओर से 2019-20 में आवंटित किए गए 40 सोलर प्रोजेक्ट का अब टेंडर नहीं होगा। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने उरेडा की याचिका पर निर्णय लेते हुए सभी टेंडर रद्द कर दिए हैं।
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दरअसल, वर्ष 2018 में यूपीसीएल के 200 मेगावाट सौर ऊर्जा लक्ष्य को लेकर उरेडा ने टेंडर जारी किया था। इसके तहत 40 ऐसे प्रोजेक्ट थे, जिनका टेंडर आवंटित होने के बाद कई बार उरेडा उनकी पूर्णता तिथि बढ़ा चुका था। ये सभी प्रोजेक्ट राज्य की सौर ऊर्जा नीति 2013 के तहत आवंटित हुए थे। अब राज्य में नई सौर ऊर्जा नीति 2023 आ चुकी है।
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उरेडा ने नियामक आयोग से मांग की थी कि कोरोना महामारी के कारण ये प्रोजेक्ट नहीं लग पाए, इसलिए इतनी क्षमता के प्रोजेक्ट का रिटेंडर करने की अनुमति दी जाए।नियामक आयोग में अध्यक्ष एमएल प्रसाद और सदस्य विधि अनुराग शर्मा की पीठ ने मामले में उरेडा को सभी आवंटियों से प्रोजेक्ट की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।
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40 में से 5.6 मेगावाट के 24 प्रोजेक्ट आवंटी तो ऐसे थे, जिन्होंने कोई जवाब ही नहीं दिया। जबकि 2.5 मेगावाट क्षमता के प्रोजेक्ट हासिल करने वाले लाभार्थियों ने खुद ही असमर्थतता जताते हुए प्रोजेक्ट लौटा दिए थे। लिहाजा, अब इनमें से कोई भी सोलर प्रोजेक्ट नहीं लगेगा। जो भी लगेंगे, वे नई सौर ऊर्जा नीति के तहत ही आवंटित करने होंगे।