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राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे गांव में हाथियों की आवाजाही रोकने को लेकर लगेगी सोलर फेंसिंग किहकहिकिहल

Tue, 22 Feb 2022 01:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 22 Feb 2022 01:00 AM IST
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Solar fencing will stop elephants in the village adjacent to Rajaji Tiger Reserve
राजाजी टाइगर रिजर्व के हाथियों के हमले में हर साल जान गंवाने वाले ग्रामीणों और फसलों के होने वाले नुकसान को देखते हुए गांव के बाहर सोलर फेंसिंग लगाई जाएगी। इसके लिए कैंपा योजना के तहत बजट भी जारी कर दिया गया है। टाइगर रिजर्व निदेशक अखिलेश तिवारी ने बताया कि उन तमाम इलाकों को चिह्नित कर लिया गया है, जहां हाथियों की आवाजाही अक्सर रहती है और हाथियों के हमले का खतरा बना रहता है।
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राजाजी टाइगर रिजर्व के हाथी आबादी क्षेत्र में न दाखिल हो सकें इसके लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से उन संवेदनशील गांवों के आसपास जल्द ही 300 किमी सोलर फेंसिंग लगाने की तैयारी कर रहा है। सोलर फेंसिंग उन इलाकों में लगाई जाएगी, जहां से आए दिन हाथी टाइगर रिजर्व से निकलकर आबादी क्षेत्र दाखिल हो जाते हैं। हालांकि हाथियों के हमलों को रोकने के लिए वन विभाग के अधिकारियों की अगुवाई में विभागीय टीमें दिन-रात गश्त करती है लेकिन हाथी टीमों को चकमा देकर आबादी में दाखिल हो रहे हैं और ग्रामीणों पर हमला करने के साथ ही फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। टाइगर रिजर्व निदेशक अखिलेश तिवारी ने बताया कि जल्द ही सोलर फेंसिंग लगाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि पूरे टाइगर रिजर्व में अभी सिर्फ 40 किलोमीटर क्षेत्र में सोलर फेंसिंग लगायी गई है। उन्होंने बताया कि जिन इलाकों में सोलर फेंसिंग लगायी गई है उन इलाकों में हाथियों की आवाजाही बेहद कम हो गई है।
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बाघों की गिनती का काम पूरा, पूर्वी क्षेत्र में गिनती जारी
राजाजी टाइगर रिजर्व निदेशक अखिलेश तिवारी ने बताया कि टाइगर रिजर्व के पश्चिमी क्षेत्र में बाघों की गिनती का काम पूरा कर लिया गया है। ऐसे में टाइगर रिजर्व के पूर्वी क्षेत्र में बाघों की गिनती की जा रही है। बाघों की गिनती के लिए अत्याधुनिक ट्रैप कैमरा के साथ साइन सर्वे तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के निर्देश पर जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व, राजाजी टाइगर रिजर्व समेत उत्तराखंड के जंगलों में पाए जाने वाले बाघों की गिनती का काम जारी है। ऑल इंडिया टाइगर इस्टीमेशन रिपोर्ट- 2018 के मुताबिक उत्तराखंड के जंगलों में बाघों की संख्या 442 पाई गई थी। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि वर्तमान में उत्तराखंड के जंगलों में 500 से अधिक बाघ हैं। वास्तविकता में जंगलों में कितने बाघ हैं इसका पता तो बाघों की गणना के बाद ही चलेगा।
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