अब एसआईटी करेगी सिडकुल घोटाले की जांच, नियुक्तियों और निर्माण कार्यों में हुआ था बड़ा खेल
सिडकुल (उत्तराखंड राज्य औद्योगिक विकास निगम) में नियुक्तियों और निर्माण में हुए घोटालों की जांच एसआईटी करेगी। गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में एसआईटी गठित करने के आदेश दिए हैं। एसआईटी में कौन-कौन अधिकारी शामिल रहेंगे, इसका फैसला पुलिस मुख्यालय बुधवार को करेगा।
अमर उजाला ने 15 दिसंबर 2017 के अंक में ‘सिडकुल ने सितारगंज-काशीपुर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने को करोड़ों लुटाए’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अमर उजाला में प्रकाशित खबर का मंच पर हवाला देते हुए कहा था कि जिस तरह एनएच-74 के घोटालेबाज जेल गए, उसी तरह सिडकुल के घोटालेबाज भी जेल जाएंगे।
उन्होंने कहा था कि भ्रष्टाचार की सभी बड़ी घटनाएं ऊधमसिंह नगर में ही हुई हैं। सीएम ने आरोप लगाया था कि पूर्ववर्ती सरकार ने राज्य के आर्थिक संसाधनों को नष्ट किया। औद्योगिक विकास व रोजगार के नाम पर सिडकुल में पैसे की बंदरबांट की गई।
सूत्रों के मुताबिक शासन ने सिडकुल में अनियमितताओं को लेकर अभिसूचना से गोपनीय जांच पड़ताल कराई। अभिसूचना के इनपुट के आधार पर शासन ने सिडकुल की अनियमितताओं की जांच एसआईटी से कराने का फैसला लिया है।
गृह विभाग ने मंगलवार शाम पुलिस मुख्यालय को वरिष्ठ आईपीएस की अगुवाई में एसआईटी गठित करने के आदेश जारी कर दिए। यह जांच 2012 से लेकर 2017 के बीच हुईं नियुक्तियों और निर्माण कार्यों को लेकर होगी।
वहीं, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि देर शाम तक एसआईटी गठित करने का आदेश नहीं मिला है, आदेश मिलते ही एसआईटी का गठन कर दिया जाएगा।