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पुलिस नहीं SIT सुलझाएगी जमीन विवाद
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 01 Oct 2014 08:14 AM IST
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जमीन से जुड़े विवादों की विवेचना के लिए उत्तराखंड शासन ने अलग से एसआईटी का गठन किया गया है। गढ़वाल और कुमाऊं परिक्षेत्र में अलग-अलग बनाई गई टीमें डीआईजी के निर्देशन में काम करेंगी।
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गढ़वाल परिक्षेत्र की एसआईटी के लिए एक इंसपेक्टर समेत 10 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जो एक अक्तूबर से डीआईजी कार्यालय से संबद्ध हो जाएंगे।
प्रदेश में बढ़े हैं जमीन विवाद
प्रदेश में जमीन विवाद के बढ़ते मामलों के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। गृह सचिव के निर्देश पर एडीजी कानून व्यवस्था राम सिंह मीणा ने मंगलवार को गढ़वाल और कुमाऊं परिक्षेत्र के लिए अलग-अलग एसआईटी गठन कर दिया।
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उन्होंने बताया कि इससे राज्य में भूमि की धोखाधड़ी और अवैध खरीद-फरोख्त के मामलों पर रोक लगने के साथ विवेचनाओं के निस्तारण में तेजी आएगी। गढ़वाल की एसआईटी में इंस्पेक्टर मदन लाल सैनी, उप निरीक्षक महेन्द्र सिंह चौहान, रणबीर सिंह, हेड कांस्टेबिल बुद्धि सिंह बिष्ट, भगवान सिंह, शीशपाल सिंह, आरक्षी धनपाल सिंह, प्रदीप, प्रतीक चौधरी और धर्मेंद्र को तैनात किया गया है।
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पुलिस का बोझ होगा कम
माना जा रहा है कि इस नई व्यवस्था से पुलिस के पास से विवेचनाओं का बोझ कम हो जाएगा। दूसरा, जमीन विवादों में थाना पुलिस पर उठने वाले सवालों में भी कमी आएगी।