फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Silkyara Tunnel Construction received approval from the Central Government Uttarkashi Uttarakhand news

Uttarkashi News: सिलक्यारा सुरंग निर्माण को केंद्र सरकार से मिली मंजूरी, भूस्खलन हादसे के बाद से बंद था काम

Wed, 24 Jan 2024 11:30 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 24 Jan 2024 11:30 AM IST
सार

बीते वर्ष 12 नवंबर की सुबह सिलक्यारा सुरंग में करीब 56 मीटर तक मलबा आने के बाद 41 मजदूर भीतर फंस गए थे। केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों ने बमुश्किल 17वें दिन उन्हें सकुशल बाहर निकाल दिया था। तब से सुरंग निर्माण का काम बंद था।

विज्ञापन
Silkyara Tunnel Construction received approval from the Central Government Uttarkashi Uttarakhand news
सिलक्यारा सुरंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिल्यक्यारा सुरंग निर्माण को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। भूस्खलन हादसे के बाद से सुरंग निर्माण का कार्य बंद था। कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से निर्माण कार्य को स्वीकृति मिलने की पुष्टि की है।

विज्ञापन


एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक ने बताया कि सिलक्यारा छोर से निर्माण शुरू करने से पहले सुरक्षात्मक कार्य किए जाएंगे। इसमें 10 से 15 दिन का समय लग सकता है। जबकि बड़कोट छोर से जल्दी कार्य शुरू किया जाएगा।

विज्ञापन

12 नवंबर की सुबह सुरंग के सिलक्यारा की ओर वाले सिरे में करीब 56 मीटर तक मलबा आने के बाद 41 मजदूर भीतर फंस गए थे। केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों ने बमुश्किल 17वें दिन उन्हें सकुशल बाहर निकाल दिया था। इसके बाद से सुरंग निर्माण के भविष्य को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन


एनएचआईडीसीएल के निदेशक अंशु मनीष खल्खो ने पिछले माह अमर उजाला से खास बातचीत में बताया था कि मलबा हटाने और सुरंग का निर्माण कार्य दिसंबर माह से शुरू होगा। उन्होंने बताया कि निर्माण से पहले भूगर्भीय सर्वेक्षण और सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। इसके साथ ही मलबा हटाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्माण में अतिरिक्त एहतियात बरतते हुए वर्ष 2024 में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि, इस हादसे के बाद यह लक्ष्य थोड़ा पीछे हटता नजर आ रहा है।
 

भूगर्भीय जांच रिपोर्ट पाई गई थी गलत

सिलक्यारा सुरंग की डीपीआर में जो भूगर्भीय जांच की रिपोर्ट लगी हुई है, वह गलत निकली। निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट में इस पहाड़ में हार्ड रॉक बताई गई थी, लेकिन जब निर्माण शुरू हुआ तो भुरभुरी मिट्टी निकली। इसी वजह से अब दोबारा जियो सर्वे कराया जाएगा।

अभी तक कोई जांच नहीं

सिलक्यारा सुरंग से मजदूरों को बचाव के लिए राज्य सरकार ने वैज्ञानिकों की एक टीम को जांच सौंपी थी, जिसने अपनी रिपोर्ट दे दी थी। उस रिपोर्ट को संज्ञान में लेकर ही बचाव अभियान चला था। परिवहन मंत्रालय की ओर से इस सुरंग से संबंधित कोई जांच अभी तक नहीं बैठाई गई है। जांच में लापरवाही करने वालों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट हो पाएगी।

ये भी पढ़ें...Kalagarh Tiger Reserve: जंगलों में मिले चीन व सिक्किम के पक्षी, चित्र व आवाज से की गई पहचान

483 मीटर बचा हुआ है हिस्सा

सिलक्यारा सुरंग 4500 मीटर (4.5 किमी) लंबी है। सिलक्यारा की ओर से करीब 2,350 और दूसरे बड़कोट छोर से करीब 1,600 मीटर तक सुरंग खोदी जा चुकी है। बीच का करीब 483 मीटर हिस्सा ही बचा हुआ है। इसकी खोदाई पूरी होने के बाद सुरंग आरपार हो जाएगी। इस सुरंग का निर्माण 853.79 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed