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यहां पानी के लिए मच रही हाहाकार
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 15 Nov 2013 04:48 PM IST
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देहरादून में टिहरी विस्थापित क्षेत्र जल संस्थान के लिए सिरदर्द बन गए हैं। यहां लगातार गहराते पेयजल किल्लत से पार पाना अब मुश्किल हो रहा है।
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शिकायतकर्ताओं की भीड़
कार्यालय में जहां शिकायतकर्ताओं की भीड़ लगी रहती है वहीं विभाग जमीन न मिलने का रोना रो रहा है। देहराखास, बंजारावाला सहित आसपास के कई क्षेत्रों में जब टिहरी विस्थापितों को जमीन मिली तो अधिकतर ने अपने प्लाट बेच दिए।
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इसके बाद यहां प्रॉपर्टी डीलरों ने यहां धड़ल्ले से फ्लैट बना दिए। धीरे-धीरे यहां की आबादी बढ़ती चली गई। हालांकि पूर्व में पुनर्वास टिहरी बांध विभाग की ओर से यहां लोगों के लिए पेयजल व्यवस्था की गई थी लेकिन तब कम आबादी थी।
उसी के अनुसार ट्यूबवेल और टैंक बनाए गए थे। तब पाइप लाइन भी छोटी डाली गई थी। इस बीच आबादी बढ़ी तो पेयजल संकट गहराने लगा और लोगों की शिकायतें भी बढ़ने लगीं।
पानी देने से साफ मना
यहां स्थिति तब विकट हो गई जब टिहरी विस्थापितों ने अन्य लोगों को अपना पानी देने से साफ मना कर दिया। ऐसे में इन क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को पेयजल आपूर्ति संस्थान के लिए चुनौती बन गई है।
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वर्ष 2005 में विभाग की ओर से टिहरी विस्थापित क्षेत्रों में पानी का ट्यूबवेल लगा और टैंक बनाकर जल संस्थान को हैंडओवर कर दिया गया। इसके बाद की जिम्मेदारी संस्थान की ही है। तब कम आबादी के अनुसार पेयजल आपूर्ति कराई गई थी। लोग पानी न मिलने की शिकायत लेकर अक्सर यहां आ जाते हैं। हमने भी जल संस्थान से बात की है। उनकी ओर से जल्दी कोई उपाय निकाले जाने का आश्वासन मिला है।
- एसएस पटवाल, वरिष्ठ अभियंता
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