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देहरादून: स्कॉलर्स होम ने बच्चों को लौटाए 87 हजार रुपये
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दाखिल गरीब बच्चों से अवैध रूप से वसूले गए 87 हजार रुपये स्कॉलर्स होम स्कूल ने लौटा दिए हैं। सूचना आयोग के फैसले के बाद स्कूल ने रकम लौटाई।
अपने फैसले में सूचना आयुक्त विपिन चंद्र घिल्डियाल ने कहा कि आयोग शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से अपेक्षा करता है कि अपने अन्य दायित्वों के साथ वे आरटीई के तहत अध्ययनरत छात्रों के हितों को ध्यान रखें। ऐसा मामला संज्ञान में आने पर निजी स्कूलों पर कार्रवाई करें। गौरतलब है कि निजी स्कूलों की ओर से आरटीई के तहत दाखिला प्राप्त छात्रों के अभिभावकों से शिक्षा संबंधी सामग्री के नाम पर मनमाने तौर पर पैसे वसूलने का प्रकरण सामने आया था। धर्मेंद्र ठाकुर ने उप शिक्षा अधिकारी रायपुर से स्कॉलर्स होम स्कूल से आरटीई के तहत निशुल्क पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से वसूल किए जाने वाले अतिरिक्त धनराशि के विषय में सूचना मांगी थी।
आयोग ने सुनवाई करते हुए 28 अक्तूबर को आदेश पारित किए थे। आदेश में तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी, उप शिक्षा अधिकारी रायपुर की ओर से पूर्ण व स्पष्ट सूचना न दिए जाने के कारण उन पर एक हजार का जुर्माना भी लगाया था। मा.सि.रि.
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अपने फैसले में सूचना आयुक्त विपिन चंद्र घिल्डियाल ने कहा कि आयोग शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से अपेक्षा करता है कि अपने अन्य दायित्वों के साथ वे आरटीई के तहत अध्ययनरत छात्रों के हितों को ध्यान रखें। ऐसा मामला संज्ञान में आने पर निजी स्कूलों पर कार्रवाई करें। गौरतलब है कि निजी स्कूलों की ओर से आरटीई के तहत दाखिला प्राप्त छात्रों के अभिभावकों से शिक्षा संबंधी सामग्री के नाम पर मनमाने तौर पर पैसे वसूलने का प्रकरण सामने आया था। धर्मेंद्र ठाकुर ने उप शिक्षा अधिकारी रायपुर से स्कॉलर्स होम स्कूल से आरटीई के तहत निशुल्क पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से वसूल किए जाने वाले अतिरिक्त धनराशि के विषय में सूचना मांगी थी।
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आयोग ने सुनवाई करते हुए 28 अक्तूबर को आदेश पारित किए थे। आदेश में तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी, उप शिक्षा अधिकारी रायपुर की ओर से पूर्ण व स्पष्ट सूचना न दिए जाने के कारण उन पर एक हजार का जुर्माना भी लगाया था। मा.सि.रि.
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