दून के 'स्पेशल' इलाकों के लिए प्लान तैयार
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राजधानी देहरादून में एमडीडीए का मास्टर प्लान लागू होने के बाद विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) का मास्टर प्लान भी तैयार कर लिया गया है। दिल्ली की एस्कट विल्सन कंपनी ने प्लान का प्रारूप प्राधिकरण के पास जमा करा दिया है।
ग्राम्य नियोजन विभाग इसका तकनीकी परीक्षण कर रहा है। अगले माह इसे साडा की बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा। मंजूरी मिलते ही जनता से आपत्तियां मांगी जाएंगी।
प्लान 2031 तक के लिए तैयार
साडा सचिव झरना कमठान ने बताया कि दिसंबर के तीसरे सप्ताह में कंपनी की ओर से मास्टर प्लान पर तैयार रिपोर्ट जमा की गई है। उम्मीद है कि एक माह के भीतर ग्राम्य एवं नियोजन विभाग प्लान का परीक्षण कर लेगा।
यह प्लान 2031 तक के लिए तैयार किया गया है। साडा का मास्टर प्लान पहली बार 1993 में बना था। यह प्लान 2001 तक के लिए बनाया गया था, जिसे प्रशासनिक आधार पर पिछले 13 सालों से बढ़ाया जा रहा है। बता दें कि संबंधित कंपनी ने तीन साल की कसरत के बाद प्लान जमा किया है।
यह है साडा का क्षेत्र
विकासनगर, सेलाकुई, डाकपत्थर, हरबर्टपुर, डोईवाला, जौलीग्रांट, लालतप्पड़, रानीपोखरी, भोगपुर, थानो, भानियावाला, धनोल्टी, कैंपटी फाल आदि क्षेत्र (क्षेत्रफल लगभग 1500 वर्ग किलोमीटर)
अब यहीं विस्तार
एमडीडीए का क्षेत्र लगभग पैक हो गया है। ऐसे में शहर का विस्तार अब साडा के क्षेत्र में हो रहा है। प्रापर्टी डीलर से लेकर बिल्डरों और माफिया तक की निगाहें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।
यह होगा लाभ
साडा का मास्टर प्लान लागू हुआ तो संबंधित क्षेत्र में भू उपयोग तय किया जा सकेगा। इसके बाद इन क्षेत्रों में स्कूल-कॉलेज, व्यावसायिक भवनों, कृषि भूमि, आवासीय भवनों आदि पर स्थिति साफ हो जाएगी।