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अब हरियाली के बीच बनाएं आशियाना

Fri, 17 Apr 2015 11:53 AM IST
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 17 Apr 2015 11:53 AM IST
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SADA new flat in dehradun.

दून घाटी विशेष क्षेत्र प्राधिकरण (साडा) के नए मास्टर प्लान में इस बार नौ हजार हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलकर आवासीय किया जा रहा है।

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इतने बड़े स्तर पर भूमि का उपयोग बदलने से उन क्षेत्रों को राहत मिलेगी, जहां पर पहले से बस्ती बस गई हैं और भू-उपयोग कृषि होने के कारण सभी निर्माण अवैध थे। इसके अलावा किसान अपनी कृषि भूमि पर आवास बना सकेंगे। हालांकि, आवास बनाने के लिए कुछ वर्ग मीटर की जमीन पर ही छूट मिलेगी।
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साडा ने प्रस्तावित मास्टर प्लान का नक्शा प्रदर्शन के लिए डोईवाला, विकासनगर और शहर में तीन स्थानों पर रखा है, ताकि अगर किसी को प्रस्तावित मास्टर प्लान में कोई आपत्ति हो तो वह साडा सचिव से आपत्ति दर्ज करा सके। नक्शे की अगर समीक्षा की जाए तो साडा नए मास्टर प्लान में कृषि भूमि में फिर से कैंची चलाने जा रहा है।
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इस बार 9,749 हेक्टेयर जमीन का भू- उपयोग कृषि से वाणिज्य या आवासीय किया जाना प्रस्तावित है। साडा सचिव जीसी गुणवंत ने बताया कि नए मास्टर प्लान में 12 सेक्टरों को उनके भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से विकसित किया जाएगा। किसी सेक्टर में सेवा केंद्रों को बढ़ा दिया गया है तो कहीं पर यातायात की सुविधाओं पर ध्यान दिया गया है।

इको टूरिज्म पर भी इस बार ध्यान दिया गया है। केवल उन स्थानों का भू-उपयोग कृषि से आवासीय किया गया है, जहां पर पहले से अधिक आबादी हो चुकी थी।

हर सेक्टर के लिए अलग ब्ल्यू प्रिंट

साडा ने शहर को छोड़कर क्षेत्र को गंगाघाटी से यमुना घाटी तक 12 सेक्टरों में बांटा है। हर सेक्टर के लिए अलग ब्ल्यू प्रिंट और कितनी भूमि का विकास किया जाना है, यह तय किया गया है। भूमि के विकास के लिए भू-उपयोग बदलने की बात भी साडा ने की है।

भानियावाला- इस क्षेत्र को प्रशासनिक एवं संस्थानिक नगर के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। यहां पर 1609.76 हेक्टेयर भूमि का उपयोग बदलेगा।

डाकपत्थर- साडा ने इस क्षेत्र को साहसिक पर्यटन और मनोरंजन क्रियाकलापों के लिए प्रस्तावित किया है। यहां पर 361.14 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाना है।

विकासनगर- विकासनगर का विकास देहरादून के उपक्षेत्रीय नगर के रूप में किया जाना प्रस्तावित है। यहां पर 462.49 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का उपयोग बदलने की आवश्यकता है।

हरबर्टपुर-
पर्यटन एवं मनोरंजन क्षेत्रों को यमुना नगर के निकट विकसित किया जाना प्रस्तावित है। जिसे उत्तराखंड पर्यटन एवं विनियोजन बोर्ड द्वारा अवस्थापना विकास के अंतर्गत चरण-1 एवं चरण-2 के अंतर्गत विकसित किया जाना प्रस्तावित है।

सहसपुर-छारवा- इस क्षेत्र में कई सेवा केंद्र प्रस्तावित हैं। सेवा केंद्र में बारातघर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आदि आते हैं। छारवा गांव में औद्योगिक एवं संस्थानिक विकास प्रस्तावित है। यहां पर 924.59 हेक्टेयर भूमि को विकसित किया जाना है।


सेलाकुई- इस क्षेत्र को इस बार भी औद्योगिक परिसर, फार्मासिटी एवं संस्थानिक परिसर के रूप में विकसित किया जाना है। यहां की जनसंख्या के हिसाब से इस बार 1743.04 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाना है।

डोईवाला- यहां पर वाणिज्य कार्यालय के साथ ही आवासीय, सामुदायिक केंद्र, एटीएम, स्कूल व अन्य नगरीय सुविधाओं के लिए 805 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग बदला जा सकता है।

माजरीग्रांट- यहां पर 545.06 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाना प्रस्तावित है।

रानीपोखरी- इस क्षेत्र को साहसिक खेलों और पर्यटन के लिए विकसित किया जाना प्रस्तावित है। भोगपुर के निकट का क्षेत्र मुख्य रूप से आवासीय और इको टूरिज्म के लिए चुना गया है। यहां पर सेवा केंद्र भी स्थापित किया जाना है। यहां पर 600.84 हेक्टेयर भूमि को विकसित किया जाना है।

थानों- यहां पर भी आवासीय कॉलोनी के लिए भू-उपयोग बदलेगा। यहां पर 248.16 हेक्टेयर भूमि का उपयोग बदलना प्रस्तावित है।

सिया-कैंपटी- यह क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रस्तावित है। इन दोनों गांवों को आवासीय क्षेत्र के साथ ही ईको-टूरिज्म एवं ग्रामीण पर्यटन के रूप में विकसित किया जाना है। यहां पर 52.05 भूमि विकसित किया जाना है।

भाऊवाला- इस क्षेत्र में आवासीय कॉलोनी के साथ ही इको टूरिज्म और वन संसाधनों का विकास होना है। यहां पर 580.65 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाना है।

15 सालों में ऐसे बदला साडा क्षेत्र
भू- उपयोग प्रखंड - 2001 का क्षेत्रफल (हे. में) - वर्तमान में
कृषि ----- 35184.1 ----- 32172
जलाशय ----- 16468 ----- 14886
वन ----- 99382 ----- 104787

भविष्य में बदलेगा इतना भू- भाग

भू- उपयोग प्रखंड - मौजूदा क्षेत्रफल (हे. में) - मास्टर प्लान में प्रस्तावित
कृषि - 32172 - 22423
जलाशय - 14886 - 14886
वन - 104787 - 104792
औद्योगिक - 323 - 866
आवासीय (शहरी) - 1135 - 9000
आवासीय (ग्रामीण) - 2899 - 4817

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