रुड़कीः सड़क और किसानों के बहाने ‘हरदा’ ने साधे उत्तराखंड सरकार पर निशाने
- किसानों पर कहा- चीनी मिल के आगे धरने पर बैठने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा
- रुड़की-लक्सर मार्ग पर बोले, हम छोड़कर गए थे अच्छी राइडिंग वाली, अब खस्ताहाल
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दो दिनों तक जिले के दौरे पर रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और खस्ताहाल रुड़की-लक्सर मार्ग के बहाने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। इसे लेकर उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट डालकर तीखे तंज कसे हैं। इसमें उन्होंने अपनी सरकार की तुलना वर्तमान सरकार से की है। फेसबुक पर उन्होंने गन्ना किसानों के बीच जाकर खुद की गन्ने की कटाई करते हुए कुछ फोटो भी डाले हैं। गन्ना किसान और सड़क की दुर्दशा पर पूर्व सीएम की फेसबुक पोस्ट दिनभर चर्चाओं में रही। स्थानीय लोगों ने भी इस पर कमेंट कर अपनी राय जाहिर की।
पूर्व सीएम हरीश रावत लक्सर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जाते समय शाहपुर में गन्ने की छिलाई कर रहे किसानों के बीच पहुंच गए थे। उन्होंने किसानों से उनकी समस्याएं जानी। इसके बाद उनकी पीड़ा को उन्होंने फेसबुक के माध्यम से बयां किया। फेसबुक पर की गई पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि... ‘आज अभी बड़ी संख्या में मुझको इकबालपुर चीनी मिल सेवित क्षेत्र के किसान मिले, उनका वर्तमान और पुराना भुगतान भी लंबित पड़ा हुआ है। किसानों का हौसला टूट रहा है। यदि सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया, तो फिर इकबालपुर चीनी मिल के आगे धरने पर बैठने के अलावा कोई रास्ता नहीं रहेगा।’
पूर्व सीएम लक्सर से रुड़की होते हुए भगवानपुर में भी एक कार्यक्रम में शामिल होते हुए थे। इस दौरान रुड़की-लक्सर मार्ग की दयनीय दशा पर भी उन्होंने फेसबुक पर दूसरी पोस्ट डालकर सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा है कि... ‘मुझे लक्सर से लंढौरा होकर रुड़की आने का सौभाग्य मिला। जिस सड़क को हम बहुत अच्छी राइडिंग क्वालिटी में छोड़कर गए थे, उस सड़क में सड़क खोजना मुश्किल है। गड्ढे ही गड्ढे हैं, गड्ढों में सड़क। क्या यही पहचान है, उभरते व आगे बढ़ते हुए उत्तराखंड की, बहुत तकलीफ हुई। ढंडेरा में हमने बरसाती पानी की निकासी की योजना बनाई थी, उसकी व्यवस्था की थी और उसके लिए धन मंजूर किया था, उस पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। रुड़की से लक्सर तक (वाया लंढौरा) भाजपा, लोगों को किस बात की सजा दे रही है, यह समझ नहीं पाया हूं।’