देहरादून में डकैती: मन्नुपुरम को छोड़कर अब चुना रिलायंस ज्वैलरी शोरूम, देश में हुई कई वारदातें
बदमाशों ने यहां टेप का इस्तेमाल नहीं किया। इन घटनाओं में अब तक किसी भी राज्य की पुलिस ने कोई बदमाश नहीं पकड़ा है। यह बिहार की एक गैंग का काम हो सकता है।
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रिलायंस ज्वैलरी शोरूम में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी देश के कई शहरों में इन शोरूम को निशाना बना चुके हैं। हर वारदात का तरीका लगभग एक जैसा था। यहां जिस तरह की प्लास्टिक केबल टाई से कर्मियों के हाथ बांधे गए थे ऐसी ही टाइ का प्रयोग अन्य शहरों में भी हुआ। अन्य जगहों पर मुंह पर टेप लगाई गई। लेकिन, बदमाशों ने यहां टेप का इस्तेमाल नहीं किया। इन घटनाओं में अब तक किसी भी राज्य की पुलिस ने कोई बदमाश नहीं पकड़ा है। यह बिहार की एक गैंग का काम हो सकता है। ये वही गैंग है जिसने मन्नुपुरम गोल्ड लोन कंपनी में कई लूट की थी।
रिलायंस ज्वैलरी शोरूम को इस साल में ही तीन जगहों पर निशाना बनाया जा चुका है। इनमें पश्चिम बंगाल के रायगंज में 14 अप्रैल 2023 को इसी अंदाज में छह सशस्त्र बदमाशों ने डकैती डाली थी। इस घटना में बदमाशों ने कर्मियों के हाथ प्लास्टिक केबल टाई से बांधे थे। इसके अलावा पांच जून 2023 को महाराष्ट्र के शांगली में भी रिलायंस के ज्वैलरी शोरूम में सात बदमाश घुसे और कर्मचारियों को प्लास्टिक केबल टाई का इस्तेमाल लिया। इसके अलावा एक घटना ओडिसा में भी हुई। यही नहीं एक घटना बुधवार को हरियाणा के यमुनानगर में भी हुई। लेकिन, इसमें बदमाश सफल नहीं हो पाए।
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इसमें बिहार की एक गैंग का हाथ माना जा रहा है। हैरानी की बात है कि रिलायंस ज्वैलरी शोरूम में हुई अब तक की इन वारदातों में कभी कोई बदमाश पकड़ा नहीं गया। बताया जा रहा है कि यह बिहार का वही गैंग है जो मन्नुपुरम गोल्ड लोन कंपनी या इसके जैसी कंपनी में लूट और डकैती की घटनाओं को अंजाम देता था। समय के साथ इन कंपनी ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजूबत कर लिया तो इस गैंग ने इन्हें लूटना बंद कर दिया। अब इनका निशाना रिलायंस ज्वैलरी शोरूम बन रहे हैं।
गार्ड के पास नहीं था हथियार
जिस शोरूम में बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया वहां पर गार्ड तो मौजूद था। गार्ड भी पूर्व फौजी है। मगर, उसके पास कोई हथियार नहीं है। बताया जा रहा है कि कंपनी हथियार वाले गार्ड को रखती ही नहीं है। यही नहीं यहां पर गोल्ड लोन कंपनी जैसे बड़े लॉकर भी नहीं बने हैं। शायद एक लंबी रेकी के बाद बदमाशों ने इस तरह से घटना को अंजाम दिया है।
जेल में बैठकर भाड़े के लुटेरों से घटनाएं करवाता है सरगना
बिहार की इस गैंग का सरगना सुबोध जेल में बंद है। उसे मन्नुपुरम गोल्ड लोन कंपनी के यहां डकैती के आरोप में पकड़ा गया था। तब से वह जेल के भीतर से ही भाड़े के लुटेरों से वारदात कराता है। इसके लिए उन्हें लूटे गए माल का हिस्सा नहीं बल्कि एक सैलरी की तरह पैसे दिए जाते हैं। जिस तरह बिहार और झारखंड में साइबर ठगों की पाठशालाएं चलती हैं उसी तरह सुबोध एक ट्रेनिंग स्कूल भी एक जिले में चलवाता है। उन्हें यहां इसी तरह की ट्रेनिंग दी जाती है। अलग-अलग लोगों को यह काम दिया जाता है। ऐसे में यदि कोई पकड़ा भी गया तो वह दूसरे व्यक्ति का नाम तक नहीं बता पाता। इससे पुलिस की जांच एकाएक रुक जाती है। ये बाकायदा कुछ लोगों को शोरूम में लंबी रैकी करने के लिए भेजते हैं।