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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना: बड़ी उपलब्धि...एल एंड टी ने 504.2 मीटर आरसीसी लाइनिंग का बनाया रिकॉर्ड

Mon, 01 Sep 2025 06:54 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, देवप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, देवप्रयाग Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 01 Sep 2025 06:54 PM IST
सार

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को बदलने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। यह दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच को बेहतर बनाएगी और पर्यटन व आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।

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Rishikesh-Karnprayag Rail Project Big achievement L&T sets record of 504.2 meter RCC lining
देवप्रयाग में ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

ऋषिकेश कर्णप्रयाग सिंगल ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित करते हुए, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने सुरंग निर्माण के क्षेत्र में एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी ने अगस्त 2025 में एक ही 12.1 मीटर गैंट्री का उपयोग करके 504.2 मीटर आरसीसी (रेइनफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) सुरंग लाइनिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया, जो न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) के तहत एक ही गैंट्री प्रणाली से हासिल की गई अब तक की सबसे अधिक मासिक प्रगति है।

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यह ऐतिहासिक उपलब्धि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के पैकेज-2 के तहत एस्केप टनल शिवपुरी से गूलर में दर्ज की गई है। यह सुरंग हिमालय की तलहटी को चारधाम तीर्थ मार्ग से जोड़ने वाले रणनीतिक रेल कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस रिकॉर्ड के साथ-साथ, एल एंड टी ने अगस्त महीने में सभी कार्यस्थलों पर कुल 1,374.8 मीटर आरसीसी लाइनिंग की प्रगति भी दर्ज की, जो परियोजना के सभी दस पैकेजों में सबसे अधिक है। यह प्रदर्शन कंपनी के ही जनवरी 2025 में बनाए गए 1,337 मीटर के पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर गया है।
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प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश चौपड़ा ने इस उपलब्धि को कंपनी की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, सटीक योजना और निरंतर निष्पादन का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा भारी बारिश और भूस्खलन जैसी प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के बावजूद, हमारी टीमों ने लॉजिस्टिक चुनौतियों को नवाचार और दृढ़ता के साथ पार किया। सितंबर महीने में इस टनल को रेलेवे को सौंपा जाएगा। जबकि गूलर से व्यासी टनल को पूर्ण करके दिसंबर में रेलवे के सुपर्द कर दी जाएगी।

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