फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Rigged in Tiger Safari construction First arresting after a year Uttarakhand news in hindi

Dehradun: टाइगर सफारी निर्माण में धांधली की शिकायत के एक साल बाद हुई पहली गिरफ्तारी, पढ़ें पूरी खबर

Sat, 15 Oct 2022 04:54 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 15 Oct 2022 04:54 PM IST
सार

टाइगर सफारी निर्माण में धांधली मामले में अब तक तीन अफसरों के विरुद्ध बड़ी करवाई हुई है। संयोग से तीनों रिटायर हो चुके हैं। इस मामले में फरवरी 2022 में वन मुख्यालय की ओर से गठित नोडल अधिकारी कपिल जोशी की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने जो रिपोर्ट वन मुख्यालय को सौंपी थी, पिछले दिनों भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) ने अपनी रिपोर्ट में उस पर मोहर लगा दी है।

विज्ञापन
Rigged in Tiger Safari construction First arresting after a year Uttarakhand news in hindi
गिरफ्तार - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाखरो टाइगर सफारी निर्माण में धांधली के मामले में विजिलेंस की ओर से तत्कालीन रेंज ऑफिसर बृज बिहारी शर्मा की एक दिन पहले गिरफ्तारी हुई है, जबकि इससे पहले तत्कालीन मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग का निलंबन और डीएफओ कालागढ़ पर नामजद रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।

विज्ञापन

 

खास बात यह है कि तीनों ही अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच के दायरे में आए अन्य अधिकारियों पर भी रिटायरमेंट के बाद ही कार्रवाई होगी। इस मामले में फरवरी 2022 में वन मुख्यालय की ओर से गठित नोडल अधिकारी कपिल जोशी की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने जो रिपोर्ट वन मुख्यालय को सौंपी थी, पिछले दिनों भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) ने अपनी रिपोर्ट में उस पर मोहर लगा दी है।

विज्ञापन

 

मतलब साफ है टाइगर सफारी के निर्माण में न सिर्फ हरे पेड़ों का अवैध पातन हुआ, बल्कि बिना वित्तीय और प्रशासनिक अनुमति के तमाम निर्माण कार्य भी करा दिए गए। इसमें कालागढ़ से पाखरो कंडी रोड का निर्माण, पुलिस, कल्वर्ट निर्माण, मोरघट्टी में वन विश्राम गृह में भवनों का निर्माण आदि शामिल है। इस काम में कॉर्बेट फाउंडेशन और कैंपा फंड का पैसा भी बिना वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के खपाया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

नोडल अधिकारी कपिल जोशी की रिपोर्ट में इन तमाम अनियमितताओं का बिंदुवार ब्योरा दिया गया था। इतना ही नहीं तमाम वन अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे। इसके बाद एनटीसीए, केंद्र के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से भी टाइगर सफारी निर्माण में हुई धांधली पर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी।

 

नैनीताल हाईकोर्ट ने भी इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी थी। एक के बाद एक, अब तक इस मामले में राज्य, केंद्र और कोर्ट की कुल मिलाकर नौ एजेंसियां शामिल हो चुकी हैं। बावजूद इसके बात जांच से आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस मामले में लिप्त अधिकारियों के अब भी कुर्सी पर जमे होने से शासन की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। 

ये भी पढ़ें...Uttarakhand:  लिम्का बुक रिकॉर्ड में दर्ज होगी चारधाम यात्रा, एक बार ही मिलेगी एक तीर्थयात्री को आने की अनुमति

मामले में विभिन्न पहलुओं पर जांच जारी है। एफएसआई से भी कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। मैं इस बात को पहले भी कह चुका हूं और फिर दोहरा रहा हूं। इस मामले में लिप्त किसी भी दोषी अधिकारी को बख्सा नहीं जाएगा। - आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव, वन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed