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उत्तराखंड: वीरान गांवों में फिर आई बहार, युवा लौट रहे घर-द्वार, 25 से 35 आयु वर्ग के 43% ने किया रिवर्स पलायन

Wed, 19 Nov 2025 10:57 AM IST
रेनू सकलानी भूपेंद्र राणा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 19 Nov 2025 10:57 AM IST
सार

उत्तराखंड के वीरान गांवों में फिर बहार लौट रही है। पलायन निवारण आयोग की रिवर्स पलायन की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार गांव से पलायन करने वाले कुल 6282 प्रवासी अपने गांव लौटे हैं। इसमें सबसे अधिक 43% 25 से 35 आयु वर्ग के प्रवासी है।

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Reverse migration in Uttarakhand 43% of aged 25 to 35 have reverse migration read All Updates in hindi
पौड़ी गढ़वाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन के बीच प्रवासियों के गांव व घर वापसी करने में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। रिवर्स पलायन करने वालों में 25 से 35 आयु वर्ग के 43 प्रतिशत युवा प्रवासी वापस अपने गांव लौटे हैं।

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अब कृषि, पशुपालन, पर्यटन, स्वरोजगार अपनाकर गांव की मिट्टी में जड़ें जमा रहे हैं। पलायन निवारण आयोग की रिवर्स पलायन की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार गांव से पलायन करने वाले कुल 6282 प्रवासी अपने गांव लौटे हैं। इसमें सबसे अधिक 43% 25 से 35 आयु वर्ग के प्रवासी है।
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25 साल से कम आयु वर्ग में 28.66% और 35 साल से अधिक आयु वर्ग में 29.09% प्रवासियों ने गांव वापसी की है। रिवर्स पलायन में पौड़ी जिला पहले स्थान पर है। जबकि दूसरे पर अल्मोड़ा व तीसरे स्थान पर टिहरी जिला है।
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गांव लौटे 39% ने कृषि को बनाया व्यवसाय
रिवर्स पलायन कर प्रवासियों ने गांव में कृषि, पर्यटन, पशुपालन को मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाया। 39 प्रतिशत ने कृषि क्षेत्र में खेती, बागवानी, सब्जी उत्पादन, मसाले की खेती, औषधीय व सगंध फसलों की खेती, मधुमक्खी पालन, पुष्प उत्पादन, जैविक खेती, मशरूम उत्पादन शुरू किया। जबकि 21.5 प्रतिशत ने पर्यटन क्षेत्र में होमस्टे, होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व यात्रा सेवा में व्यवसाय शुरू किया। लगभग 18 प्रतिशत ने पशुपालन क्षेत्र में डेयरी, बकरी पालन, भेड़ पालन, पोल्ट्री पालन, मत्स्य पालन का का काम शुरू किया।
 

जिला लौटे जिला लौटे
पौड़ी 1213 रुद्रप्रयाग 342
अल्मोड़ा 976 चंपावत 324
टिहरी 827 नैनीताल 300
चमोली 760 देहरादून 201
उत्तरकाशी 448 हरिद्वार 141
बागेश्वर 368 यूएसनगर 38
पिथौरागढ़ 344 कुल  6282
 



कोविड महामारी के बाद रिवर्स पलायन में तेजी आई है। विदेशों, दूसरे राज्यों व प्रदेश के अंदर दूसरे जिलों में पलायन करने वाले लोगों में गांव लौटने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। आयोग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि प्रवासी लौटे 169 हैं विदेशों से विदेशों में अगस्त रह रहे 169 प्रवासी अपने गांव लौटे हैं। इसमें सबसे अधिक टिहरी जिला में 66 प्रवासी शामिल हैं। इसके अलावा देश के अन्य राज्यों में 4769 प्रवासी ने गांव लौटे। राज्य में अंदर ही दूसरे जिलों में पलायन करने वाले 1127 लौटे ने गांव की वापसी की है।

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