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बैंक से 10 लाख का लोन लेकर बनाया रेस्टोरेंस्ट, वज्रपात से हुआ ध्वस्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Tue, 31 Jul 2018 10:28 AM IST
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युवक ने बैंक से लोन लेकर स्वरोजगार करने की सोची, लेकिन इससे पहले ही उसका सपना चकनाचूर हो गया।
दुगड्डा ब्लाक के घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत कलेखर (रामड़ी) गांव निवासी मनीष तिवारी का रेस्टोरेंट बज्रपात से क्षतिग्रस्त हो गया। उसने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत बैंक से 10 लाख का लोन लेकर रेस्टोरेंट का निर्माण किया था, लेकिन रोजगार के सपने को पंख लगने से पहले ही मनीष के सपने चकनाचूर हो गए। पीड़ित मनीष ने आपदा मद या मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता देने की गुहार लगाई है।
घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत कलेखर (रामड़ी) गांव निवासी मनीष तिवारी पुत्र गिरीश तिवारी ने ऐता चरेख मोटर मार्ग पर गेहरीखाल में रेस्टोरेंट निर्माण के लिए जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से पंजाब नेशनल बैंक से दस लाख का लोन लिया था।
लोन स्वीकृत होने के बाद मनीष ने रेस्टोरेंट का निर्माण कार्य शुरू किया और रेस्टोरेंट बनकर तैयार भी हो गया। छह अगस्त को रेस्टोरेंट का उद्घाटन होना था। गत 28 जुलाई की रात को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान बज्रपात से नवनिर्मित रेस्टोरेंट पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
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उसने सोमवार को क्षेत्रीय विधायक को भेजे पत्र में कहा कि रेस्टोरेंट ध्वस्त होने से उसके स्वरोजगार का सपना भी टूट चुका है। उसके पास रोजगार का अन्य साधन भी नहीं है। पत्र में मनीष ने बैंक लोन चुकाने के लिए आपदा या मुख्यमंत्री राहत कोष से उचित आर्थिक मदद देने की मांग की है।
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दुगड्डा ब्लाक के घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत कलेखर (रामड़ी) गांव निवासी मनीष तिवारी का रेस्टोरेंट बज्रपात से क्षतिग्रस्त हो गया। उसने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत बैंक से 10 लाख का लोन लेकर रेस्टोरेंट का निर्माण किया था, लेकिन रोजगार के सपने को पंख लगने से पहले ही मनीष के सपने चकनाचूर हो गए। पीड़ित मनीष ने आपदा मद या मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता देने की गुहार लगाई है।
घाड़ क्षेत्र के अंतर्गत कलेखर (रामड़ी) गांव निवासी मनीष तिवारी पुत्र गिरीश तिवारी ने ऐता चरेख मोटर मार्ग पर गेहरीखाल में रेस्टोरेंट निर्माण के लिए जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से पंजाब नेशनल बैंक से दस लाख का लोन लिया था।
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लोन स्वीकृत होने के बाद मनीष ने रेस्टोरेंट का निर्माण कार्य शुरू किया और रेस्टोरेंट बनकर तैयार भी हो गया। छह अगस्त को रेस्टोरेंट का उद्घाटन होना था। गत 28 जुलाई की रात को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान बज्रपात से नवनिर्मित रेस्टोरेंट पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
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उसने सोमवार को क्षेत्रीय विधायक को भेजे पत्र में कहा कि रेस्टोरेंट ध्वस्त होने से उसके स्वरोजगार का सपना भी टूट चुका है। उसके पास रोजगार का अन्य साधन भी नहीं है। पत्र में मनीष ने बैंक लोन चुकाने के लिए आपदा या मुख्यमंत्री राहत कोष से उचित आर्थिक मदद देने की मांग की है।