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नशा मुक्ति केंद्र होंगे स्वास्थ्य विभाग के हवाले, एसटीएफ पंजाब जाकर तैयार करेगी नशा विरोधी नीति

Sun, 06 Jan 2019 05:45 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 06 Jan 2019 05:45 AM IST
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Rehabilitation Center handover to uttarakhand health department
पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार - फोटो : AmarUjala

शासन ने पंजाब की तर्ज पर प्रदेश में नशा विरोधी नीति बनाने की कवायद शुरू कर दी है। नशा विरोधी नीति का प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी स्पेशल टास्क फोर्स को सौंपी गई है, जो पंजाब से समन्वय स्थापित कर नशा विरोधी नीति का प्रस्ताव बनाएगी। इसी कड़ी में नशा मुक्ति केन्द्र अब स्वास्थ्य विभाग के हवाले करने की तैयारी है, ताकि नशा मुक्ति केन्द्रों के मानक तय करने के साथ नशे की लत का शिकार युवाओं को राह पर लाने के लिए अच्छा माहौल दिया जा सके। 

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पंजाब की तरह उत्तराखंड में भी नशे का कारोबार अपनी जड़े जमा चुका है। पंजाब, हिमाचल के अलावा उत्तर प्रदेश से व्यापक पैमाने पर स्मैक और चरस की होेने वाली तस्करी किसी से छिपी नहीं है। नशे के खिलाफ माहौल तैयार करने के इरादे से चंडीगढ़ में हुई कई राज्याें की मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्रदेश के सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी शामिल हुए थे। पंजाब सरकार की तरफ से नशे की तस्करी पर लगाम कसने को तैयार की गई नशा विरोधी नीति के बारे में विस्तार से बताया था। सीएम ने मुख्य सचिव और डीजीपी से इसी तर्ज पर कार्रवाई की बात कही थी। इसी कड़ी में गृह सचिव नितेश कुमार झा ने पुलिस अधिकारियों ने नशा कारोबार पर लगाम कसने को लंबी मंत्रणा की है।
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पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार की तरफ से तर्क दिया गया था कि नशा मुक्ति केन्द्रों का काम सीधे तौर पर स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा है, जबकि इसकी जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग निभा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधीन होने के बाद नशा मुक्ति केन्द्रों के मानक भी तय हो जाएंगे, जिससे नशे की लत का शिकार युवाआें को अच्छा माहौल मिल सकेगा। सीएम की मंशा के अनुरूप नशा विरोधी नीति तैयार करने की जिम्मेदारी एसटीएफ को सौंपी गई है, जो पंजाब की नीति पर मंथन करने के बाद प्रस्ताव तैयार करेगी। इसी बीच नशा मुक्ति केन्द्राें को स्वास्थ्य विभाग के हवाले करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। एक सप्ताह में इस फैसले पर मोहर लगने की उम्मीद जताई जा रही है। 
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प्रदेश में नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए नशा विरोधी नीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नशा मुक्ति केन्द्र्रों को स्वास्थ्य विभाग के अधीन करने का प्रस्ताव है। इस पर जल्द फैसला होने की उम्मीद है। 

- नितेश कुमार झा, स्वास्थ्य सचिव 

स्वास्थ्य और पुलिस महकमा संयुक्त रूप से नशा कारोबार पर शिकंजा कसने को मुहिम चलाएगा। एसटीएफ को नशा विरोधी नीति का मसौदा तैयार करने का प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी के साथ देहरादून और हल्द्वानी में सरकारी नशा मुक्ति केन्द्र खोलने का प्रस्ताव दिया गया है। 
- अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था

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