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तपोवन टनल से मिला शव: रैणी आपदा में मलबे में दफन हो गए थे सैकड़ों मजबूर, आज भी लाशों के मिलने का सिलसिला जारी
Thu, 30 Jun 2022 05:31 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ (चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ (चमोली)
Published by: रेनू सकलानी
Updated Thu, 30 Jun 2022 05:31 PM IST
सार
संपूर्ण उत्तराखंड को झकझोर देने वाली ऋषि गंगा की आपदा के जख्म बार-बार ताजा हो जाते हैं। इस आपदा में 206 जिंदगियां मलबे में दफन हो गई थीं। आज भी यहां शव मिलने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को एक और शव तपोवन टनल से मिला। सड़ा गला होने के कारण अभी तक शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
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तपोवन टनल
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
तपोवन में एनटीपीसी की जल विद्युत परियोजना की टनल से शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को इंटेक टनल में मलबे की सफाई के दौरान एक मानव शव बरामद हुआ है। 7 फरवरी 2021 को रैणी आपदा में सैकड़ों मजबूर मलबे में दफन हो गए थे।
एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी नवजोत कौर ने बताया कि मुख्य टनल से करीब 650 मीटर अंदर मलबे की सफाई के दौरान एक शव बरामद हुआ है। शव को कंपनी के कर्मचारियों की मदद से बाहर निकाला गया। सड़ा गला होने के कारण अभी तक शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि मानव शव पर सिर्फ कपड़े ही हैं। शव को एनटीपीसी के अस्थायी मोर्चरी में रखवाया गया है।
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सात फरवरी को ऋषि गंगा की आपदा में 206 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें से 88 के शव बरामद किए जा चुके थे। एनटीपीसी के 140 श्रमिकों की भी इस आपदा में मौत हो गई थी, जिसमें कई श्रमिकों के शव परियोजना की टनल में फंसे हुए थे।
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सात फरवरी को ऋषि गंगा की आपदा में 206 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें से 88 के शव बरामद किए जा चुके थे। एनटीपीसी के 140 श्रमिकों की भी इस आपदा में मौत हो गई थी, जिसमें कई श्रमिकों के शव परियोजना की टनल में फंसे हुए थे।