उत्तराखंड में अभी 24 घंटे और भारी बारिश, पांच जिलों में अलर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुवार तड़के से राजधानी देहरादून में बारिश का दौर जारी है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। उधर, उत्तराखंड के पांच जिलों में अभी 24 घंटे और भारी बारिश का अलर्ट है।
मौसम विभाग के मुताबिक इन पांच जिलों के अलावा प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। राजधानी में भी बादल छाए रहेंगे और बारिश की भी संभावना है।
बुधवार को राजधानी में सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद दिनभर बादल छाए रहे। हालांकि इस बीच उमस ने भी परेशान किया। बारिश और बादलों की वजह से राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान करीब चार डिग्री गिर गया।
मंगलवार को दिन का तापमान 33.6 डिग्री था जो कि बुधवार को गिरकर 29.7 पर आ गया। उमस दिन भर 70 प्रतिशत से ऊपर रही।
मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश में उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में आगामी 24 घंटे भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि राजधानी में भी बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम बारिश के भी आसार हैं।
जबरदस्त कोहरे और धुंध के आगोश में मसूरी
बदले मौसम के बीच पहाड़ों की रानी मसूरी बुधवार को पूरे दिन जबरदस्त कोहरे और धुंध के आगोश में रही। सुबह से रात तक नगर में घना कोहरा छाने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिन में भी मसूरी-देहरादून, मसूरी-कैंपटी, कंपनी बाग और माल रोड पर पर्यटकों को वाहनों के हेडलाइट जलानी पड़ी। धुंध और कोहरे के साथ ही सुबह हुई मूसलाधार बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हो गया। सुबह छह बजे से नौ बजे तक झमाझम बारिश के कारण वाहनों के पहिये भी थम गए। सड़क पर एकदम सन्नाटा पसर गया।
पर्यटन नगरी मसूरी में प्री मानसून की बारिश शुरू हो चुकी है। मंगलवार रात करीब नौ बजे से ही नगर के चारों और कोहरा और धुंध छाने लगा था। देर रात जगह-जगह बारिश और अंधड़ से वनस्पति और पेड़-पौधों को काफी नुकसान पहुंचा। इसके बाद बुधवार तड़के से सुबह नौ बजे तक मूसलाधार बारिश ने लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी।
पूरे दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे मसूरी में आम जनजीवन पटरी से उतर गया। शाम को घना कोहरा छाने से वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई मार्गों काफी धुंध होने के कारण वाहन रेंग रेंगकर आगे बढ़ रहे थे।