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रेलवे लाइनों के किनारे रोपे जाएंगे पांच लाख पौधे
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
वन्यजीवों के कारण होने वाली रेल दुर्घटनाओं पर रोकथाम के लिए रेलवे लाइनों के किनारे पांच लाख पौधे रोपे जाने की कवायद शुरू की गई है। योजना के तहत रेलवे वन विभाग की मदद से मुरादाबाद मंडल की रेल लाइनों के किनारे कनेर समेत कई प्रजातियों के पांच लाख पौधे रोपेगा।
मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीईएन अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पहले चरण में पांच लाख पौधे लगाने की योजना है। इस कड़ी में अभी तक 50 हजार पौधे रोपे जा चुके हैं। सीनियर डीईएन के अनुसार रेलवे लाइनों के किनार पेड़ व झाड़ियां की पत्तियां खाने के लिए अक्सर वन्यजीव ट्रैक पर आ जाते हैं। ऐसे में रेलवे लाइन के किनारे ऐसे पौधे व पेड़ लगाने की योजना है। जिन्हें वन्यजीव नहीं खाते। इस रणनीति के तहत रेलवे लाइनों के दोनों ओर कनेर आदि प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। मानसून ने दस्तक दे दी है। पौधरोपण में वन विभाग की मदद ली जा रही है। पौधाें के रखरखाव की जिम्मेदारी स्टेशन अधीक्षकों, स्टेशन मास्टरों को सौंपी जा रही है।
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वन्यजीवों के कारण होने वाली रेल दुर्घटनाओं पर रोकथाम के लिए रेलवे लाइनों के किनारे पांच लाख पौधे रोपे जाने की कवायद शुरू की गई है। योजना के तहत रेलवे वन विभाग की मदद से मुरादाबाद मंडल की रेल लाइनों के किनारे कनेर समेत कई प्रजातियों के पांच लाख पौधे रोपेगा।
मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीईएन अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पहले चरण में पांच लाख पौधे लगाने की योजना है। इस कड़ी में अभी तक 50 हजार पौधे रोपे जा चुके हैं। सीनियर डीईएन के अनुसार रेलवे लाइनों के किनार पेड़ व झाड़ियां की पत्तियां खाने के लिए अक्सर वन्यजीव ट्रैक पर आ जाते हैं। ऐसे में रेलवे लाइन के किनारे ऐसे पौधे व पेड़ लगाने की योजना है। जिन्हें वन्यजीव नहीं खाते। इस रणनीति के तहत रेलवे लाइनों के दोनों ओर कनेर आदि प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। मानसून ने दस्तक दे दी है। पौधरोपण में वन विभाग की मदद ली जा रही है। पौधाें के रखरखाव की जिम्मेदारी स्टेशन अधीक्षकों, स्टेशन मास्टरों को सौंपी जा रही है।
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