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Dehradun News: पंप, जेसीबी बने जलभराव की समस्या का निदान, निगम नहीं ढूंढ पाया स्थाई समाधान
Wed, 12 Aug 2026 02:25 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Wed, 12 Aug 2026 02:25 AM IST
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बारिश की वजह से दून में जलभराव की मार हर बार लोग झेलने को मजबूर हैं। घुटनों तक लोगों के घरों में पानी भर जाता है। इसकी वजह से लोगों का सामान तो खराब होता ही है साथ लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। बढ़ती आबादी और बसावट के साथ यह समस्या भी बढ़ती जा रही है। जिम्मेदार भी पंप लगाकर पानी निकालने के अस्थायी समाधान की बजाय स्थायी समाधान की तरफ नहीं बढ़ते। नतीजतन लोगों के सामने जलभराव की समस्या हर बारिश में सामने खड़ी है।
नगर निगम की ओर से जलभराव जैसी समस्या से निपटने के लिए आपदा कंट्रोल रूम की स्थापना कर रखी है। शहर में जहां से भी जलभराव की शिकायत आती है वहां टीम को भेज दिया जाता है। टीम की ओर से वहां डीजल पंप लगाकर पानी निकाल दिया जाता है लेकिन अगली बारिश में दोबारा फिर वहां पर जलभराव हो जाता है।
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रिचार्ज पिट बनाने का दावा, लेकिन हो जाते हैं ब्लॉक
नगर निगम की ओर से इस तरह के स्थानों को चिह्नित कर वहां पर रिचार्ज पिट भी बनाए गए ताकि बारिश का पानी इन रिचार्ज पिट के माध्यम से भूमि में उतर जाए। एक रिचार्ज पिट बनाने में नगर निगम के कई लाख रुपये खर्च होते हैं लेकिन कुछ दिन बाद ये रिचार्ज पिट ब्लॉक हो जाते हैं। उसके बाद जमीन में पानी नहीं जाता। माहेश्वरी विहार में भी इस तरह का रिचार्ज पिट बनाया गया लेकिन उसके बाद भी गली में जलभराव होता है और नगर निगम को वहां पंप लगाने की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा नेहरू ग्राम गणेश विहार में लगातार पानी भरता है। यहां भी रिचार्ज पिट है लेकिन वह भी अक्सर चोक हो जाता है। इसी तरह आरकेडिया में शिव मंदिर विहार में भी सड़क का ढलान है और वहां भी पानी भरता है। भुत्तोवाला चौक भी यही दिक्कत है। इन स्थानों पर नगर निगम को डीजल पंप लगाकर रखना पड़ता है। इसके अलावा कई अन्य जगह भी हैं जहां बारिश होते ही जलभराव होता है। इसमें वार्ड-90, संस्कृति लोक कॉलोनी सहित कई अन्य कॉलोनियां हैं।
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नगर निगम की टीम शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई करती है। कुछ कॉलोनियां ढलान में हैं। इसलिए वहां पानी जमा हो जाता है। ऐसी जगहों पर स्थायी समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल ऐसी जगहों को चिह्नित कर रिचार्ज पिट नगर निगम बनवा रहा है।
-सौरभ थपलियाल, मेयर
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नगर निगम की ओर से जलभराव जैसी समस्या से निपटने के लिए आपदा कंट्रोल रूम की स्थापना कर रखी है। शहर में जहां से भी जलभराव की शिकायत आती है वहां टीम को भेज दिया जाता है। टीम की ओर से वहां डीजल पंप लगाकर पानी निकाल दिया जाता है लेकिन अगली बारिश में दोबारा फिर वहां पर जलभराव हो जाता है।
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रिचार्ज पिट बनाने का दावा, लेकिन हो जाते हैं ब्लॉक
नगर निगम की ओर से इस तरह के स्थानों को चिह्नित कर वहां पर रिचार्ज पिट भी बनाए गए ताकि बारिश का पानी इन रिचार्ज पिट के माध्यम से भूमि में उतर जाए। एक रिचार्ज पिट बनाने में नगर निगम के कई लाख रुपये खर्च होते हैं लेकिन कुछ दिन बाद ये रिचार्ज पिट ब्लॉक हो जाते हैं। उसके बाद जमीन में पानी नहीं जाता। माहेश्वरी विहार में भी इस तरह का रिचार्ज पिट बनाया गया लेकिन उसके बाद भी गली में जलभराव होता है और नगर निगम को वहां पंप लगाने की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा नेहरू ग्राम गणेश विहार में लगातार पानी भरता है। यहां भी रिचार्ज पिट है लेकिन वह भी अक्सर चोक हो जाता है। इसी तरह आरकेडिया में शिव मंदिर विहार में भी सड़क का ढलान है और वहां भी पानी भरता है। भुत्तोवाला चौक भी यही दिक्कत है। इन स्थानों पर नगर निगम को डीजल पंप लगाकर रखना पड़ता है। इसके अलावा कई अन्य जगह भी हैं जहां बारिश होते ही जलभराव होता है। इसमें वार्ड-90, संस्कृति लोक कॉलोनी सहित कई अन्य कॉलोनियां हैं।
नगर निगम की टीम शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई करती है। कुछ कॉलोनियां ढलान में हैं। इसलिए वहां पानी जमा हो जाता है। ऐसी जगहों पर स्थायी समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल ऐसी जगहों को चिह्नित कर रिचार्ज पिट नगर निगम बनवा रहा है।
-सौरभ थपलियाल, मेयर