उत्तराखंडः डबल मर्डर से गुस्साई भीड़ ने पार की बेरहमी की हद, महिला दारोगा को पीटा
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चर्चित दोहरे हत्याकांड में ग्रामीणों को झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए बेलड़ी समेत आसपास के कई गांवों के डेढ़ सौ से अधिक ग्रामीणों ने सिविल लाइंस कोतवाली में जमकर उपद्रव किया। हमलावर तेवर अख्तियार कर चुके ग्रामीणोें ने न सिर्फ पुलिसकर्मियों से मारपीट की बल्कि कोतवाली में आग लगाने की भी कोशिश की। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने दर्जनभर उपद्रवी हिरासत में लेते हुए चार ट्रैक्टर ट्रालियां सीज की।
उल्लेखनीय है कि गत पांच अगस्त को बेलड़ी गांव में इंद्र सिंह एवं मेधराज की अज्ञात हत्यारों ने निर्मम हत्या कर दी थी। जिसके बाद से पुलिस मामले को लेकर जांच-पड़ताल करने में जुटी है। इसी प्रकरण में पुलिस ने ढंडेरी ख्वाजगीपुर के चार युवकों को हिरासत में लिया था। जिसके बाद सोमवार को ढंडेरी ख्वाजगीपुर, बेलड़ी समेतम कई गांवों के करीब डेढ़ सौ से अधिक ग्रामीण चार ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर सिविल लाइंस कोतवाली पहुंच । इससे पहले कोतवाली में मौजूद पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते भीड़ ने हमला बोल दिया।
कई ग्रामीणों को हिरासत में लिया गया
भीड़ जिसमें कई महिलाएं भी शामिल थी, उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। अचानक हमले से पुलिसकर्मी हक्का बक्का रह गए। इसी बीच भीड़ ने कोतवाली फूंकने का ऐलान कर दिया। यह सुनते ही पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। आनन फानन में मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लाठियां संभाली और भीड़ पर पिल पड़े।
आखिरकार पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। लाठीचार्ज होते ही भगदड़ मच गई। पुलिसकर्मियों ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों ने दौड़ा दौड़ाकर पीटा। कोतवाली में हमले की जानकारी मिलते ही एसपी देहात मणिक ांत मिश्र, सीओ स्वपन किशोर, सीओ मंगलौर के अलावा गंगनहर, पिरानकलियर समेत कई थानों की पुलिस मौके पहुंच गई और स्थिति को संभाला। पुलिस ने दर्जन भर ग्रामीणों को हिरासत में लेने के साथ ही चार ट्रैक्टर ट्रालियों को सीज कर दिया है।
कोतवाली पर हुए हमले में दर्जन भर पुलिसकर्मी डेढ़ सौ उपद्रवियों पर भारी नजर आए। जिस समय भीड़ कोतवाली में दाखिल हुई चंद पुलिसकर्मी मौजूद थे। लेकिन पुलिसकर्मियों ने बिना कोई परवाह किए उपद्रवियों को न सिर्फ लठियाया वरन उन्हें खदेड़ भी दिया।