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पुलिस हिरासत के बाद घर भेजे गए दिव्यांग की मौत, घर पहुंचा शव, तनाव का माहौल

Mon, 14 May 2018 02:30 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खटीमा (ऊधमसिंह नगर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खटीमा (ऊधमसिंह नगर) Updated Mon, 14 May 2018 02:30 PM IST
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protest on divyang death after police custody
protest on divyang death - फोटो : amar ujala

नवविवाहिता के फांसी लगाने के बाद उपजे विवाद में पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए ससुराल पक्ष के तीन लोगों में एक की घर भेजे जाने के बाद मौत हो गई। सोमवार को दोपहर बाद राजकुमार का शव घर पहुंचा। इस दौरान घर में तनाव का माहौल रहा। परिजनों ने मुआवजे की मांग की और शव उठाने से इंकार कर दिया।

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बता दें कि ग्रामीणों का आरोप है कि हिरासत में हुई पिटाई से दिव्यांग राजकुमार (50) की मौत हुई है। इसी बात को लेकर गुस्साए ग्रामीणों में रविवार को थाना झनकईया में जमकर हंगामा काटा और पकड़िया में तीन घंटे रास्ता जाम कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त करने का भी प्रयास किया था। इधर, पुलिस का कहना है कि जिन तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था, उनमें से एक को दिव्यांग होने के चलते घर भेज दिया गया था। उसकी मौत घर जाने के बाद हुई है।
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टनकपुर निवासी सुनील की पुत्री मधु का पिछले माह 25 अप्रैल को राजीव नगर निवासी रजत से विवाह हुआ था। नवविवाहिता ने किसी बात को लेकर गत शनिवार को फांसी लगा ली थी। परिजन उसे निजी अस्पताल में ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बाद में मृतका का गुपचुप अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंत्येष्टि में मायके के लोगों के मौजूद होने की बात कही जा रही है।  
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रविवार को मृतका के पिता सुनील ने बाइक और पांच लाख रुपये दहेज में नहीं मिलने पर ससुरालियों पर उनकी बेटी की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी। इस पर पुलिस ने महिला के पति रजत, सास कुसुम और पति के मामा राजकुमार (50) पुत्र तिलकराम निवासी निकट श्याम टॉकीज, वार्ड 18 रुद्रपुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस तीनों आरोपियों को झनकईया थाने ले आई। इनमें से राजकुमार को दिव्यांग होने के कारण पुलिस ने उसे उसकी पत्नी चंद्रा देवी के साथ घर भेज दिया। बाद में घर पर राजकुमार की मौत हो गई।

राजकुमार की मौत की खबर लगते ही बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंच गए और उन्होंने मारपीट के चलते राजकुमार की मौत होने का आरोप लगाते हुए थाने में जमकर हंगामा काटा। इसके बाद ग्रामीणों ने पकड़िया में शाम करीब छह बजे जाम लगा दिया जो बारिश शुरू होने के बाद रात्रि करीब नौ बजे खुला। इस दौरान घटना स्थल पर एसएसपी डा. सदानंद दाते, एएसपी देवेंद्र सिह पिंचा, सीओ कमला बिष्ट, कोतवाल कुंवर सिंह रावत, एसएआई जगदीश ढकरियाल, थानाध्यक्ष प्रभात कुमार सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। 

पुलिस हिरासत में नहीं हुई है मौत : एसएसपी
पुलिस हिरासत में मौत नहीं हुई है। दहेज हत्या के मामले में नामजद राजकुमार को हिरासत में लिया गया था। राजकुमार दिव्यांग था। उसने अस्वस्थ होने की बात कही थी तो एसओ ने उसे छोड़ दिया था। थाने से जाने के बाद तबीयत बिगड़ी थी तो परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन वहां से रेफर होने के बाद दूसरे अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हुई है। अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड में राजकुमार की हार्टअटैक से मौत होने की पुष्टि है। - डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, ऊधमसिंह नगर। 

थाने में नहीं की गई किसी के साथ मारपीट
दहेज हत्या के आरोप में थाने में बुलाए गए लड़के पक्ष के लोगों का कहना है कि दिव्यांग मामा राजकुमार और उनके साथ पुलिस ने कोई मारपीट नहीं की है। मृतक राजकुमार की पत्नी चंद्रा देवी ने कहा कि जब संस्कार के समय सभी बात हो गई थी और उसमें मृतका के मायके के लोग शामिल थे, फिर झूठी तहरीर सौंपकर सबको फंसाने का प्रयास किया गया और उसके पति की मौत हुई, जिसके जिम्मेदार मायके पक्ष के लोग हैं। मृतका की पत्नी चंद्रा बिना पोस्टमार्टम के शव की मांग कर रही थी, लेकिन एसएसपी ले कहा कि पुलिस पर आरोप है इसलिए वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया जाएगा। तभी शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

बारिश के कारण हटा जाम
राजकुमार की मौत के बाद शाम छह छह बजे लगाया गया जाम रात्रि नौ बजे तब खुला जब बारिश शुरू हो गई। इस दौरान आने जाने वालों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोहियाहेड रोड को लोगों ने वैकल्पिक रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया, जिससे लोगों को करीब 10 किमी का अतिरिक्त सफर करना पड़ा।


यह था मामला
मृतक विवाहिता के ससुर राम कुमार के अनुसार वह शनिवार को पीलीभीत गए थे, जबकि उनकी पत्नी काम पर चली गई थी और बेटा रजत दुकान पर था। दोपहर बाद जब वह घर लौटे तो घर का मुख्य दरवाजा बंद था। इस पर वह छत के रास्ते अंदर गए तो अंदर का दरवाजा भी बंद था। थोड़ा प्रयास करने पर दरवाजा खुल गया। अंदर जाकर उन्होंने देखा कि बहू मधु ने फांसी लगा ली थी। इस पर उन्होंने परिवार के सभी लोगों को बुलाया और बहू को एक निजी अस्पताल में ले गए जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राजकुमार का दावा है कि उन्होंने मधु की मौत की सूचना उसके मायके वालों को दे दी थी। उनक ी मौजूदगी में ही मधु का अंतिम संस्कार किया गया।

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