तीन दिन तक इलाज को तड़पता रहा सिपाही, पत्नी संग पहुंचा एसएसपी कार्यालय और फिर...
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बाइक की टक्कर से हड्डी टूटने के कारण एक सिपाही तीन दिन इलाज को तरसता रहा। घायल सिपाही ने एसएसपी आफिस आकर गुहार लगाई तो वह मीडिया की सुर्खियां बना, तब जाकर उसे दून अस्पताल में इलाज दिलाया गया।
शाम को डीआईजी ने अस्पताल जाकर उसका हाल जाना। उन्होंने आर्थिक मदद के साथ प्राइवेट वार्ड की व्यवस्था कराई। यूपी के चित्रकूट निवासी कांस्टेबल शिव दत्त मिश्रा रुद्रप्रयाग में तैनात हैं। मिश्रा तीन दिन की छुट्टी पर आए हुए थे।
तीन मार्च की रात ड्यूटी पर जाने के लिए वह श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के पास टैक्सी का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच तेजी से मोटर साइकिल पर आए युवक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में घायल होने के साथ उनके पैर की हड्डी टूट गई।
दून अस्पताल पहुंचे अधिकारी
चीता मोबाइल ने वर्दी पहने सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर रकम न होने के कारण उसका इलाज नहीं हो पाया। सिपाही शिव दत्त सोमवार को पत्नी के साथ उसी दशा में एसएसपी आफिस पहुंच गया, जहां पर वह काफी देर तक पेड़ के नीचे पड़ा रहा।
मीडिया के जरिये कप्तान स्वीटी अग्रवाल को घायल सिपाही का पता चला तो उन्होंने तत्काल उसे दून अस्पताल भर्ती करा दिया। मामला उछला तो शाम को डीआईजी पुष्पक ज्योति एसपी सिटी अजय सिंह को लेकर अस्पताल पहुंच गए।
उन्होंने घायल सिपाही से बात कर इलाज का आश्वासन दिया। उन्होंने रुद्रप्रयाग के एसपी से बात कर आर्थिक सहायता कोष से रकम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि चीता मोबाइल की लापरवाही से यह स्थिति बनी है। यदि पहले ही अधिकारियों को बता दिया जाता तो उसे उपचार उपलब्ध हो जाता।