उत्तराखंड पहुंचीं थाईलैंड की राजकुमारी सिरिंधोर्न, एरीज में टेलीस्कोप से देखे अंतरिक्ष के नजारे
- राजकुमारी की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में
- थाई दल पहले ही पहुंच चुका है पंतनगर
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थाईलैंड की प्रिंसेज महाचक्री सिरिंधोर्न गुरुवार को एयर इंडिया के विशेष विमान (एटीआर-72) से दोपहर 1: 50 बजे पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचीं। राजकुमारी के साथ 44 सदस्यीय थाई दल भी आया है। एयरपोर्ट पर उनकी अगवानी के लिए डीएम डॉ. नीरज खैरवाल, एसएसपी बरिंदरजीत सिंह सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। यहां अल्प विश्राम के बाद वह नैनीताल जिले के देवस्थल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) पहुंची, जहां उन्होंने टेलीस्कोप से अंतरिक्ष के नजारे देखे।
प्रिंसेज एयरपोर्ट परिसर में हर्बल गार्डन देख बेहद प्रभावित दिखीं और करीब दस मिनट वहां गुजारे। एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि राजकुमारी ने हर्बल गार्डन में लगे देश के विभिन्न भागों से आयातित भिन्न-भिन्न प्रजातियों के पौधों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ब्लड प्रेशर में प्रयोग आने वाले मेडिसिनल प्लांट में विशेष रुचि दिखाई। इसके बाद राजकुमारी एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज पहुंचीं, जहां अल्पाहार के बाद वह दो बजे सड़क मार्ग से काठगोदाम के लिए रवाना हो गईं। वह रात्रि प्रवास रुद्रपुर के रेडिसन होटल के रॉयल सुइट में करेंगी।
यदि मौसम ठीक रहा तो शेड्यूल मुताबिक शुक्रवार सुबह छह बजे विशेष विमान से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी। थाई दल में राजदूत शुतिनर्थोन खोंगसक, प्रथम सचिव मिस चंतिंडा किचैवात, मिस कृत्नारांग सिरीस्वैद, मिस वुतीकेर्ति श्रीथांग, द्वितीय सचिव मिस रचनीकॉर्न वेंग्सुकुल, तृतीय सचिव मिस सिरिपोर्न बूनवान, डोमेस्टिक हेल्पर नजरीन पल्सरी, राजनैतिक सहायक एंजेलिना पैट्रिक और विपणन अधिकारी शैंग्रीसो शिमरी आदि थे।
आईएमए का दौरा किया
थाईलैंड की राजकुमारी महाचक्री ने दोनों देशों के बीच साझेदारी और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए राजनयिकों और वरिष्ठ गण्यमान्य हस्तियों के 20 सदस्यीय थाई प्रतिनिधिमंडल के साथ बृहस्पतिवार को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आईएमए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल जीएस नेगी से बातचीत की और अकादमी के प्रशिक्षण और प्रशासनिक पहलुओं जैसे कई मुददों पर चर्चा की।
राजकुमारी सिरिनधर एक इंस्ट्रक्टर रही हैं तथा चुलाचोमक्लाओ रॉयल एकेडेमी में इतिहास पढ़ाती हैं। राजकुमारी ने थाईलैंड की तरफ से भारत के साथ रक्षा सहयोग को अगले स्तर तक ले जाने की इच्छा प्रकट की। इस दौरान उन्होंने अकादमी में प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने आईएमए और चुलचोमकोलो रॉयल मिलिट्री थाईलैंड के बीच औपचारिक विनिमय कार्यक्रम शुरू करने की इच्च्छा भी जाहिर की। भारत और थाईलैंड ने मेघालय के उमरोई में मैत्री 2019 के तहत एक संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था।
मास्क न पहनने पर थाई राजकुमारी ने जताया आश्चर्य
बृहस्पतिवार की दोपहर तीन बजकर आठ मिनट पर थाईलैंड की राजकुमारी सर्किट हाउस पहुंची। सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह और एएसपी राजीव मोहन ने बुके देकर उनका स्वागत किया। वह सर्किट हाउस में लगी चिपको आंदोलन की मूर्ति को निहारती रहीं। दो मिनट तक मूर्ति को निहारने के बाद उन्होंने फोटो खींची। सिटी मजिस्ट्रेट सिंह ने उन्हें चिपको आंदोलन के बारे में विस्तार से बताया।
बताया कि पेड़ काटे जा रहे थे तो उनको बचाने के लिए महिलाएं आगे आई थीं। पेड़ों पर लिपटकर उनको बचाने की गुहार लगाई थी। राजकुमारी के लिए पानी की बोतल से लेकर अन्य खाद्य सामग्री उनके स्टाफ के लोग साथ लेकर आए थे। उनको सर्किट हाउस के मानसरोवर सूट में रुकवाया गया। दोपहर 3 बजकर 22 मिनट पर राजकुमारी देवस्थल के लिए रवाना हुईं।