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हॉर्टिटूरिज्म की संभावनाओं को देखते हुए कार्ययोजना तैयार करें : जोशी
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- जंगली जानवरों, अतिवृष्टि से बाढ़, जलभराव से नुकसान फसल बीमा में हो शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में हॉर्टिटूरिज्म की संभावनाओं को देखते हुए कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट और कीवी की खेती के विस्तार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, राज्य में इन फलों की खेती से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
कैंप कार्यालय में हुई बैठक में विभागीय मंत्री ने कहा, केंद्र सरकार ने जंगली जानवरों, अतिवृष्टि के कारण बाढ़, जलभराव से फसलों के नुकसान को फसल बीमा योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है, जिसमें दोनों परिस्थितियों में किसानों की अब भरपाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।
बैठक में विभागीय मंत्री ने कहा, राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए “सी” ग्रेड माल्टा एवं पहाड़ी नींबू (गलगल) उत्पादकों को उनके फलों का उचित मूल्य प्रदान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि किसानों के हित में “सी” ग्रेड माल्टा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 10.00 प्रति किलोग्राम (रुपये दस मात्र) एवं पहाड़ी नींबू (गलगल) का न्यूनतम समर्थन मूल्य सात रुपये प्रति किलोग्राम (रुपये सात मात्र) तय किया गया है।
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न्यूनतम समर्थन मूल्य की इस व्यवस्था का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे, इसके लिए खरीद प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और सुचारु रूप से संचालित किया जाए। बैठक में बागवानी मिशन के निदेशक महेंद्र पाल, औद्यानिकी विपणन बोर्ड के सीईओ नरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में हॉर्टिटूरिज्म की संभावनाओं को देखते हुए कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट और कीवी की खेती के विस्तार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, राज्य में इन फलों की खेती से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
कैंप कार्यालय में हुई बैठक में विभागीय मंत्री ने कहा, केंद्र सरकार ने जंगली जानवरों, अतिवृष्टि के कारण बाढ़, जलभराव से फसलों के नुकसान को फसल बीमा योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है, जिसमें दोनों परिस्थितियों में किसानों की अब भरपाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।
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बैठक में विभागीय मंत्री ने कहा, राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए “सी” ग्रेड माल्टा एवं पहाड़ी नींबू (गलगल) उत्पादकों को उनके फलों का उचित मूल्य प्रदान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि किसानों के हित में “सी” ग्रेड माल्टा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 10.00 प्रति किलोग्राम (रुपये दस मात्र) एवं पहाड़ी नींबू (गलगल) का न्यूनतम समर्थन मूल्य सात रुपये प्रति किलोग्राम (रुपये सात मात्र) तय किया गया है।
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न्यूनतम समर्थन मूल्य की इस व्यवस्था का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे, इसके लिए खरीद प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और सुचारु रूप से संचालित किया जाए। बैठक में बागवानी मिशन के निदेशक महेंद्र पाल, औद्यानिकी विपणन बोर्ड के सीईओ नरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।