हल्द्वानी पूनम हत्याकांड: पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की तैयारी में पुलिस, 91 दिन बाद भी हाथ खाली
हल्द्वानी के पूनम पांडेय हत्याकांड का अनावरण करने में नाकाम रही पुलिस अब शक के दायरे में आए लोगों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की तैयारी में है।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने नाराजगी जताते हुए पुलिस को यह निर्देश दिए। सूत्राें के मुताबिक हत्याकांड में मृतका के करीबी समेत पांच से छह लोगों को टेस्ट से गुजरना पड़ सकता है।
हल्द्वानी के ट्रांसपोर्टर लक्ष्मी दत्त पांडेय की पत्नी पूनम पांडेय की हत्या की गुत्थी सुलझने के बजाए उलझ गई हैं।
पूनम पांडेय की धारदार हथियाराें से मार कर हत्या कर दी थी
दरअसल 27 अगस्त की रात लूटपाट के दौरान बदमाशों ने पूनम पांडेय की धारदार हथियाराें से मार कर हत्या कर दी थी, इस हमले में उनकी बेटी अर्शी भी गंभीर रुप से घायल हो गई थी। हत्याकांड के अगले दिन ही पुलिस ने जल्द खुलासे का दावा तो ठोंक दिया था, लेकिन समय के साथ उसकी पोल खुलती चल गई। एसटीएफ और एसआईटी दर्जनों लोगों से पूछताछ करने के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने सोमवार को हत्याकांड में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्हाेंने 91 दिन बीतने के बाद पुलिस का हाथ खाली होने पर असंतोष जताया। एडीजी ने विवेचक को शक के दायरे में आए लोगों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराने के निर्देश दिए, ताकि पूरी तस्वीर साफ हो सके। शक के दायरे में मृतका पूनम पांडेय के करीबी भी शामिल है। पुलिस को जिन लोगों पर शक है, उनकी संख्या पांच से छह बताई जा रही है।