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उत्तराखंडः ध्वनि प्रदूषण पर ऐसे लगेगी लगाम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चलाएगा अभियान 

Tue, 23 Jul 2019 03:11 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal कुंदन बिष्ट, अमर उजाला, काशीपुर
कुंदन बिष्ट, अमर उजाला, काशीपुर Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 23 Jul 2019 03:11 PM IST
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pollution control board campaign for sound pollution
प्रतीकात्मक

शहरों में बढ़ती जनसंख्या और यातायात के दबाव से वायु और जल प्रदूषण की स्थिति गंभीर है। लेकिन धीरे-धीरे ध्वनि प्रदूषण भी हानिकारक साबित होता जा रहा है। इसी को देखते हुए पीसीबी ने ध्वनि प्रदूषण की रोक के लिए जागरूकता गोष्ठी करने का निर्णय लिया है।

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उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की टीम जगह-जगह स्थानीय प्रशासन को साथ लेकर गोष्ठी करेगी। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी सुभाष पंवार ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण भी एक गंभीर समस्या है। अत्यधिक ध्वनि से लोगों की सुनने की क्षमता खत्म हो सकती है। पंवार ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण की शिकायत मिलने और जांच में शिकायत सही मिलने पर पांच साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। पंवार ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण को मापने के लिए इलाके को चार जोन में बांटा गया है। इसमें औद्योगिक, कमर्शियल, आवासीय और शांत क्षेत्र शामिल हैं। इनमें ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए अलग-अलग मानक होते हैं।
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ध्वनि के मानक      
1. औद्योगिक क्षेत्र:- इस क्षेत्र में सुबह छह से रात 10 बजे तक 75 डेसिबल, जबकि रात के 10 बजे से सुबह छह बजे तक 65 डेसिबल।
2.कमर्शियल क्षेत्र:- इस क्षेत्र में सुबह छह से रात 10 बजे तक 65 डेसिबल, जबकि रात के 10 से सुबह छह बजे तक 55 डेसिबल।
3. आवासीय क्षेत्र:- इस क्षेत्र में सुबह छह से रात 10 बजे तक 55 डेसिबल, जबकि रात के 10 बजे से सुबह छह बजे तक 45 डेसिबल।
4. शांति क्षेत्र (अस्पताल और स्कूल):- इस क्षेत्र में सुबह छह से रात 10 बजे तक 50 डेसिबल जबकि रात के 10 बजे से सुबह छह बजे तक 40 डेसिबल। साथ में क्षेत्र के 100 मीटर रेंज में कोई ध्वनि प्रदूषण न हो।
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इस तरह रोका जा सकता है ध्वनि प्रदूषण
1. प्रेशर हॉर्न का प्रयोग न करें।
2. अनावश्यक हॉर्न का प्रयोग न करें।
3. दिन में गोष्ठी और सभा बंद ऑडिटोरियम में की जाए।
4. जिला प्रशासन की अनुमति के बाद ही लाउड स्पीकर का प्रयोग करें।
5. रात 10 से सुबह छह बजे तक लाउड स्पीकर या डीजे का प्रयोग न करें।

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