सरकार के पुतले की शव यात्रा निकाल रहे 108 के पूर्व सेवाकर्मियों ने पुलिस ने फटकारी लाठियां
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राज्य सरकार के पुतले की सांकेतिक शव यात्रा निकाल रहे आपातकालीन एंबुलेंस 108 सेवा के पूर्व कर्मचारियों को पुलिस ने रोकना चाहा तो वे बेरिकेडिंग लांघकर बाहर आ गए। कर्मचारियों को काबू करने में पुलिस ने पहले मान मनौव्वल किया, लेकिन बाद में बल प्रयोग भी करना पड़ा।
इसके बावजूद कर्मचारी शांत नहीं हुए तो पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं। इससे गुस्साए कर्मचारी लैंसडॉन चौक पर धरने पर बैठ गए। देर रात तक कर्मचारी चौक पर जाम लगाया हुए थे।
आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 108 के पूर्व कर्मचारी बकाया भुगतान और समायोजन की मांग को लेकर 30 अप्रैल से परेड ग्राउंड स्थित धरनास्थल पर डटे हैं। रविवार को कर्मचारी सरकार की सांकेतिक शव यात्रा निकालने के लिए धरनास्थल से बाहर निकलने लगे।
यह जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और धरनास्थल के चारों ओर बेरिकेडिंग लगा दी। इस दौरान कर्मचारियों की पुलिस अधिकारियों से बहस भी हुई, लेकिन पुलिस ने अपना पहरा बढ़ा दिया। करीब छह घंटे बाद कर्मचारी बेरिकेडिंग लांघकर धरनास्थल से बाहर आए, जिससे उनकी पुलिस से भी धक्का मुक्की हो गई।
30 अप्रैल से चल रहा है आंदोलन
पुलिस को कर्मचारियों पर लाठियां फटकारनी पड़ीं तो इसमें कुछ कर्मचारियों को चोटें भी आईं। चार कर्मचारियों का दून अस्पताल में प्राथमिक इलाज कराना पड़ा। बागेश्वर निवासी एक कर्मचारी की हालत गंभीर बताई जा रही है। देर रात तक कर्मचारी लैंसडॉन चौक पर डटे थे।
अप्रैल में जीवीके कंपनी से बाहर किए गए 108 कर्मचारियों का प्रदर्शन 30 अप्रैल से परेड ग्राउंड के पास चल रहा है। प्रदर्शन के क्रम में कर्मचारी कभी मुंडन तो कभी खून से पत्र लिखकर अपनी मांग रख चुके हैं।
बीते बृहस्पतिवार को भी कर्मचारियों ने सचिवालय के लिए कूच किया था, लेकिन पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। कर्मचारियों का प्रदर्शन सचिवालय पर नहीं हो सका तो देर रात तक जेल परिसर के बाहर धरना देते रहे। हालांकि कर्मचारियों की मांगों का कोई समाधान नहीं निकल सका है।