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ट्रैफिक सुधार काप्लान देने में विफल रही पुलिस
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 14 Feb 2016 01:42 PM IST
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देहरादू के प्रमुख मार्गों की चौड़ाई कम होने से जुलूसों, प्रदर्शन और शोभायात्रा के आवागमन के लिए स्थायी स्पेशल लेन बनाना मुमकिन नहीं है। हां ट्रैफिक के नियमित संचालन के लिए रस्सी लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है।
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मानवाधिकार आयोग को पुलिस की ओर से भेजी गई रिपोर्ट का सार यही है। एसपी ट्रैफिक की पहली रिपोर्ट में प्रमुख मार्गों को प्रतिबंधित करने की वकालत की गई थी, लेकिन इस बार पुलिस गोलमोल रिपोर्ट देकर बैक फुट पर नजर आई।
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राजधानी में जुलूस, प्रदर्शन और शोभायात्राएं यातायात व्यवस्था पर भारी पड़ी हैं। आरटीआई कार्यकर्ता भूपेंद्र कुमार की याचिका का संज्ञान लेकर उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग ने एसएसपी और एसपी ट्रैफिक से पुलिस से प्रमुख मार्गों पर जुलूस, प्रदर्शन और शोभायात्रा को लेकर स्पेशल लेन बनाने के साथ यातायात के सुचारु संचालन के लिए विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
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तत्कालीन एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय ने बाकायदा घंटाघर, बिंदाल, प्रिंस चौक, सहारनपुर चौक, ईसी रोड आदि मार्गो पर जुलूस, प्रदर्शन और शोभायात्राओं को प्रतिबंधित करने के साथ अलग से लेन बनाने की बात कही थी। मानवाधिकार आयोग के रिपोर्ट तलब करने के बाद उम्मीद जगी कि शहर के ट्रैफिक संचालन में कुछ बदलाव आएगा।
रिपोर्ट के लिए पुलिस को 31 जनवरी तक का समय दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक ट्रैफिक पुलिस की तरफ से मानवाधिकार आयोग को भेजी गई रिपोर्ट निराश करने वाली है। रिपोर्ट में मार्गों की चौड़ाई, वाहनों की बढ़ती संख्या के अलावा स्कूल-कॉलेजों के बढ़े ट्रैफिक दबाव का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
इन हालातों में प्रमुख मार्गों में जुलूसों, प्रदर्शनों और शोभायात्राओं के लिए अलग से लेन बनाना संभव नहीं है। लेन बनने की स्थिति में सड़कों की चौड़ाई और कम हो जाएगी। जुलूस और रैली कभी-कभी होते है, इसलिए स्थायी लेन बनाए जाने की जरूरत प्रतीत नहीं होती है।
यह दिए गए सुझाव
मुख्य चौराहों पर जुलूस और शोभायात्रा को तेजी से निकाला जाए।
शोभायात्रा का रूट परिस्थितियों के मुताबिक छोटा किया जाए।
शोभायात्रा या जुलूस को बायीं ओर आधे भाग पर चलाया जाए।
आयोजकों की मदद से रस्सी लगाकर व्यवस्था की जा सकती है।
अनुमति देते हुए निर्धारित शर्तों का सख्ती से पालन कराया जाए।
ट्रैफिक संचालन को मानवाधिकार आयोग को रिपोर्ट भेज दी गई है, जिस तरह का आदेश मिलेगा, उसका अनुपालन कराया जाएगा।
- धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक