फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   PMO cognizance film kedarnath because of love jihad

फिल्म 'केदारनाथ' पर लगा 'लव जिहाद' को बढ़ावा देने का आरोप, अब पीएमओ ने भी लिया संज्ञान

Thu, 15 Nov 2018 09:02 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 15 Nov 2018 09:02 AM IST
विज्ञापन
PMO cognizance film kedarnath because of love jihad
kedarnath

अभिषेक कपूर की आने वाली फिल्म 'केदारनाथ' में लव जिहाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया जा रहा है। यह आरोप उत्तराखंड के बीजेपी नेता अजेंद्र अजय द्वारा लगाया गया है। 

विज्ञापन


भाजपा नेता अजेंद्र ने फिल्म में केदारनाथ धाम की मर्यादा पर प्रहार करने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने और लव जिहाद को प्रोत्साहित करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री व फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष को शिकायत भेजी थी। 
विज्ञापन


अजेंद्र ने बताया कि उनकी शिकायत का संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने पत्र को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के निदेशक (फिल्म्स) को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

'किसी को भी पहले से कोई धारणा नहीं बनानी चाहिए'

अपने बयान में अजेंद्र ने उनके द्वारा फिल्म का विरोध करने के बाद निर्माता रॉनी स्क्रूवाला और निर्देशक अभिषेक कपूर द्वारा मुंबई में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दिए गए बयान को हास्यास्पद बताया है।

निर्माता-निर्देशक ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि फिल्म के विरोध के संबंध में किसी ने भी उनसे संपर्क नहीं किया।

फिल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है और मात्र टीजर देख कर फिल्म के बारे में किसी को भी पहले से कोई धारणा नहीं बनानी चाहिए।

आपत्ति दर्ज करने के लिए निर्माता-निर्देशक से संपर्क करना जरूरी नहीं था

अजेंद्र ने कहा कि फिल्म पर आपत्ति दर्ज करने के लिए निर्माता-निर्देशक से संपर्क करना जरूरी नहीं था। उन्होंने उचित फोरम पर अपनी शिकायत दर्ज करा दी थी।

बावजूद इसके उन्होंने ट्विटर के माध्यम से निर्माता-निर्देशक के समक्ष भी अपना विरोध प्रदर्शित कर दिया था।

भाजपा नेता ने कहा कि मात्र टीजर देख कर फिल्म का विरोध करने को अनुचित ठहराने वाला फिल्म के निर्माता-निर्देशक का बयान गलत है। क्योंकि उनके द्वारा वही आपत्ति की गई है, जो टीजर व पोस्टर में स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। निर्माता निर्देशक को उनके द्वारा उठाई गई आपत्तियों व सवालों का जवाब देना चाहिए।

संतों ने की 'केदारनाथ' पर बैन लगाने की मांग

वहीं केदारनाथ फिल्म का ट्रेलर आते ही संतों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। उन्होंने फिल्म में अश्लील दृश्यों के साथ अभिनेत्री की भूमिका होने का विरोध किया है। संतों ने चेतावनी दी है कि यदि फिल्म को उत्तराखंड के सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया तो चलने नहीं दिया जाएगा और तोड़फोड़ आदि की जिम्मेदारी सरकार की होगी। फिल्म निर्माता अभिषेक कपूर की फिल्म केदारनाथ में प्रमुख भूमिकाओं में सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान शामिल हैं। 

दो दिन पहले फिल्म का ट्रेलर जारी हुआ है, जिसमें केदारनाथ की आपदा के लिए प्रेमी युगल का विरोध करना दिखाया जा रहा है, साथ ही फिल्म में अश्लील दृश्य भी है। फिल्म में मुस्लिम अभिनेत्री सारा अली खान की भूमिका के साथ स्टोरी और अश्लील दृश्यों का विरोध हरिद्वार के प्रमुख संतों ने करना शुरू कर दिया है। भारत साधु समाज के प्रवक्ता महंत ऋषि श्वरानंद ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले भी कई फिल्मों में धर्म के नाम पर छेड़छाड़ हुई है। 

फिल्म में धर्म के नाम पर खिलवाड़

फिल्मकार संस्कृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अब केदारनाथ फिल्म में भी धर्म के नाम पर खिलवाड़ किया गया है। दुनिया के प्रसिद्घ धार्मिक स्थलों में केदारनाथ है और इसे मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करना गलत है।

हनुमान मंदिर राजविहार के महंत स्वामी आलोक गिरि ने कहा कि धर्म के मामले में छेड़छाड़ बर्दास्त नहीं किया जाएगा। फिल्म के ट्रेलर से साबित हो रहा है कि फिल्म में अश्लीलता परोसी गई है, ऐसी फिल्म को सेंसर बोर्ड को पास ही नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि फिल्म संचालित हुई तो पुरजोर विरोध करेंगे।  

 

इस फिल्म को प्रदर्शित किया तो संत एकत्रित होकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे

महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि केदारनाथ नाम देकर फिल्म बनाना कोई तुक नहीं है और उससे बड़ा अपराध मुस्लिम लड़की को मुख्य भूमिका में शामिल कर किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की ऐसी फिल्म पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। कुलदीप गिरि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं केदारनाथ में आते हैं और पूजा अर्चना करते हैं, लेकिन उनके शासनकाल में अश्लीलता से भरी फिल्म का आना दुर्भाग्यपूर्ण है। 

जिसका सभी संत मिलकर विरोध करेंगे। निरंजनी अखाड़ा के महंत सुंदरवन ने अखाड़ा परिषद से अपील की कि वह प्रयाग कुंभ में फिल्म के विरोध में निर्णय लें और रिलीज होने पर रोक लगाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में इस फिल्म को प्रदर्शित किया तो संत एकत्रित होकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed