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पिटकुल: एक जगह जमे कर्मचारियों का होगा तबादला, लोनिवि : लोकसेवकों का ब्योरा तलब

Thu, 01 Aug 2019 03:15 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 01 Aug 2019 03:15 PM IST
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pitcul employee transfer and PWD lok sevak detail
प्रतीकात्मक

पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन उत्तराखंड लि. (पिटकुल) में पिछले 10 साल से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा। सचिव ऊर्जा राधिका झा ने निगम प्रबंधन को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। वे बुधवार को पिटकुल कार्यालय में उच्चाधिकारियों व अधीक्षण अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो कार्मिक पिछले पांच साल से दुर्गम स्थानों में कार्यरत हैं, उनसे विकल्प प्राप्त कर उनका स्थानांतरण किया जाए। उन्होंने ताकीद किया कि उनके निर्देशों पर एक हफ्ते के भीतर कार्रवाई हो जानी चाहिए। उन्होंने पिटकुल के फाइनेंस विंग में तीन साल से एक ही सीट पर जमे कर्मचारियों को तीन दिन में सीट रोटेशन के निर्देश दिए।

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उन्होंने निदेशक मानव संसाधन को कहा कि वे मुख्यालय में तैनात सहायक अभियंताओं को आवश्यकता के अनुसार फील्ड कार्यालयों में स्थानांतरित करें। उन्होंने बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक माह के पहले सोमवार को उत्तराखंड पावर कारपोरेशन के साथ पिटकुल के अधिकारियों की समन्वय बैठक करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पावर ग्रिड कारपोरेशन व अन्य राज्यों की पारेषण निगमों में प्रयोग की जा रही बेस्ट प्रैक्ट्सि को अपनाकर उन्हें एक माह में पिटकुल में लागू किया जाए। बैठक में प्रबंध निदेशक, निदेशक परिचालन, परियोजना, मानव संसाधन व वित्त एवं मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता उपस्थित थे।
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प्रोजेक्टों के निरीक्षण की समयसारिणी तय 
सचिव ऊर्जा के निर्देश पर अधिशासी अभियंता से मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारियों के लिए निर्माणाधीन व संचालित परियोजना के निरंतर निरीक्षण की समयसारिणी तय कर दी गई है। परिचालन स्तर पर मुख्य अभियंता हर महीने अपने नियंत्रण वाले उपकेंद्रों व लाइनों का एक दौरा प्रति उपकेंद्र, करेंगे। मुख्य अभियंता पांच दौरे प्रति परियोजना, अधीक्षण अभियंता सात दौरे, अधिशासी अभियंता 12 दौरे, सहायक व अवर अभियंता 20 दौरे प्रति परियोजना निरीक्षण करेंगे।
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अनुबंध में गड़बड़ी हुई तो होगी कार्रवाई
उन्होंने साफ किया कि कार्यदायी फर्मों के साथ होने वाले अनुबंध में किसी भी तरह की शिथिलता या मानकों की अनदेखी हुई तो जवाबदेह अफसर व कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई होगी। लापरवाही होने पर उन्होंने फर्म या ठेकेदार को तत्काल नोटिस देने और आवश्यकता पड़ने पर अनुबंध निरस्त करने के भी निर्देश दिए। 

तैनात होगा एक नोडल वन अधिकारी
बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि पिटकुल की परियोजनाओं में वन संबंधी मामलों के निपटारे के लिए एक नोडल वन अधिकारी को एक माह में संविदा पर तैनात किया जाए।

अक्षम और बीमार लोकसेवकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर भेजे जाएंगे
अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मामले में लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष ने सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और अधिशासी अभियंता से 50 साल से अधिक आयु के लोकसेवकों का ब्योरा मांगा है। इस संबंध में उन्हें एक पत्र जारी किया गया है, जिसमें एक प्रारूप पर सूचना देने को कहा गया है। इतना ही नहीं सभी कार्यालयाध्यक्ष को सूचना के संबंध में यह प्रमाण पत्र भी देना होगा कि भेजी गई सूचना सही है और मांगा गया कोई नाम नहीं छोड़ा गया है। सीआरएस को लेकर विभागीय स्तर पर इस तेजी से इंजीनियरों और कर्मचारियों में खलबली का माहौल है।


मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर कार्मिक विभाग ने 50 साल से अधिक आयु के लोकसेवकों की कार्यक्षमता का आकलन करने के आदेश जारी किए थे। इस आयु सीमा के ऐसे कर्मचारी जो लंबे समय से बीमार हैं या अपने दायित्व का निर्वहन कायदे से नहीं कर पा रहे हैं उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर भेजने के लिए उनकी संस्तुति शासन से करने को कहा गया था। इस आदेश के जारी होने के बाद मुख्यमंत्री के विभागों में सबसे अधिक तेजी दिखाई दे रही है। प्रभारी प्रमुख अभियंता व विभागाध्यक्ष हरिओम शर्मा की ओर से इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया है। पत्र के साथ एक प्रारूप भी संलग्न है, जिसमें समूह क, ख, ग और घ श्रेणी के लोकसेवकों के बारे सूचना मांगी गई है। इसमें प्रतिकूल प्रविष्टि, जांच या किसी आपराधिक मामले में जांच गतिमान है या कार्रवाई हुई का भी ब्योरा मांगा गया है। विभागीय स्तर पर तैयार होने वाली इस सूची पर विभाग और शासन स्तर पर गठित समितियों के समक्ष रखा जाएगा जो अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए नामों की संस्तुति करेगी।

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