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अदालत के आदेश पर सक्रिय हुआ पेयजल निगम
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 11 Nov 2016 10:26 AM IST
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : PTI
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पेयजल निगम योजनाओं के लिए बजट का रोना तो रो ही रहा है। साथ ही कर्मचारियों के वेतन के अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों का बकाया भुगतान नहीं कर पा रहा है।
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इसके चलते सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अदालत की शरण लेनी पड़ रही है। सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता बीएम गर्ग के मामले में हाई कोर्ट के आदेश के बाद पेयजल निगम आननफानन उनके बकाया भुगतान की जुगत में जुट गया है।
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ध्यान रहे, पेयजल निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी चार साल से अवकाश नगदीकरण और ग्रेच्युटी मिलने की आस लगाए हुए हैं, लेकिन बजट के अभाव में भुगतान नहीं हो पा रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों के सामने पहले भी बजट का संकट आता रहा है। ऐसे में परेशान होकर यह लोग कोर्ट का सहारा ले रहे हैं।
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विभाग की ओर से वर्ष 2013 से लेकर इस वर्ष तक करीब 149 अधिकारियों-कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अवकाश नगदीकरण का भुगतान नहीं किया गया है। ऐसे में अब तक करीब 12 लोग कोर्ट का सहारा ले चुके हैं। दो दिन पहले ही सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता (एसई) बीएम गर्ग की ओर से भी हाईकोर्ट के आदेश पेयजल निगम पहुंचे तो अधिकारियों ने शीघ्र भुगतान की जुगत में लग गए हैं।
पेयजल निगम में एसई पद से ढाई साल पहले सेवानिवृत्त हुआ था। अब तक अवकाश नगदीकरण नहीं मिला है। घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। ऐसे में पिछले महीने अक्तूबर में हाई कोर्ट गया। नगदीकरण की राशि करीब आठ लाख रुपये दिए जाने के आदेश विभाग के पास पहुंच चुके हैं। उम्मीद है कि अब तो पैसा मिल जाएगा।
- बीएम गर्ग, सेवानिवृत्त एसई, पेयजल निगम
कितना करना है भुगतान
पेयजल निगम के सेवानिवृत्त अधिकारियों, कर्मचारियों को इस वर्ष तक का चार करोड़ 37 लाख बीस हजार रुपये का भुगतान विभाग को करना है। इसके अलावा इन्हीं कर्मचारियों को नगदीकरण का भुगतान 17 करोड़ 57 लाख रुपये करना है।
निगम में न तो सेलरी देने के लिए पैसे हैं न ही पेयजल योजनाओं के लिए। सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी बुढ़ापे में अब पैसों के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं। यदि यही स्थिति रहनी है तो यहां के कर्मचारियों को किसी दूसरे विभाग में ही मर्ज कर देना चाहिए।
- प्रवीन रावत, अध्यक्ष, कर्मचारी महासंघ, पेयजल निगम
निगम के पास बजट का अभाव है। ऐसे में कैसे पेयजल योजनाओं को लेकर काम होगा, कैसे कर्मचारियों, अधिकारियों को भुगतान किया जाएगा। इसके बावजूद जैसे-जैसे थोड़ा बहुत बजट जुट रहा है लोगों को उनके भुगतान किए जा रहे हैं।
- भजन सिंह, एमडी, पेयजल निगम