Uttarakhand News: रिटेल मार्केट में भी उतरेंगी पैक्स समितियां, बढ़ाएंगी अपना व्यापार
केंद्रीय सहकारिता सचिव ज्ञानेश कुमार ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि आने वाला समय सहकारिता का है। वर्तमान में देश में एक लाख एक हजार 285 सहकारी समितियों से 13 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। इसी तरह से डेयरी के क्षेत्र में एक लाख 38 हजार 347 समितियां पंजीकृत हैं, इन समितियों कसे 1.5 करोड़ लोग जुड़े हैं।
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केंद्र सरकार ने ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करने की दिशा में पांच महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इसके तहत पैक्स समितियों को रिटेल बाजार में उतारा जाएगा। इसके अलावा सभी समितियों को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों के दायरे में लाया जाएगा। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के कार्य क्षेत्रों में विस्तार किया जाएगा।
इस संबंध में केंद्रीय सहकारिता सचिव ज्ञानेश कुमार ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि आने वाला समय सहकारिता का है। वर्तमान में देश में एक लाख एक हजार 285 सहकारी समितियों से 13 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। इसी तरह से डेयरी के क्षेत्र में एक लाख 38 हजार 347 समितियां पंजीकृत हैं, इन समितियों कसे 1.5 करोड़ लोग जुड़े हैं।
वहीं, 24 हजार 912 समितियां मछली पालन के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं, इनसे 38 लाख लोग जुड़े हैं। बताया, आने वाले पांच वर्षों में सभी समितियों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय सचिव ने बताया कि देशभर में लगभग एक लाख प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियां हैं, जो मैपिंग पर उर्वरक खुदरा विक्रेता के रूप में कार्य नहीं कर रही हैं।
कृषि मशीनरी स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी
कहा, ऐसी प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) की पहचान की जाएगी और उन्हें चरणबद्ध तरीके से थोक विक्रेता के रूप में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने बताया, जो पैक्स समितियां अभी प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों (पीएमकेएसके) के रूप में कार्य नहीं कर रही हैं, उन्हें इसके दायरे में लाया जाएगा।
बताया, इन महत्वपूर्ण निर्णयों से प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के कार्य क्षेत्रों में विस्तार होगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। किसानों को उर्वरक, कीटनाशक, बीज और कृषि मशीनरी स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।
बताते चलें कि उत्तराखंड में 647 पैक्स समितियां कार्य कर रही हैं। सभी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य भी पूरा किया जा चुका है।
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जैविक उर्वरक के विपणन से जुड़ेंगी पैक्स
पैक्स समितियों को जैविक उर्वरकों, विशेष रूप से फर्मेटेड जैविक खाद, तरल फर्मेटेड जैविक खाद, फॉस्फेट समृद्ध जैविक खाद के विपणन से जोड़ा जाएगा। उर्वरक विभाग की मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस योजना के तहत उर्वरक कंपनियां छोटे बायो-ऑर्गेनिक उत्पादकों के लिए एक एग्रीगेटर के रूप में कार्य कर अंतिम उत्पाद का विपणन करेंगी। इस आपूर्ति और विपणन शृंखला में खुदरा विक्रेताओं के रूप में पैक्स को भी शामिल किया जाएगा। बताया, उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए पैक्स को ड्रोन उद्यमियों के रूप में भी कार्यरत किया जा सकेगा। साथ ही ड्रोन का उपयोग संपत्ति सर्वेक्षण के लिए भी किया जा सकता है।